
बरेली । आयोजित टीजीटी शिक्षक भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन नकल माफियाओं की साजिश धरी की धरी रह गई। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे दो फर्जी सॉल्वर गिरफ्तार कर लिए गए। वहीं परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक एवं पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. राकेश सिंह ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार भर्ती परीक्षाओं में नकल और फर्जीवाड़े के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि मेधावी अभ्यर्थियों का हक किसी भी कीमत पर नहीं छीना जाएगा और परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शुचिता के साथ संपन्न कराई जाएंगी।

पहली पाली में इस्लामिया इंटर कॉलेज केंद्र पर विजय प्रताप सिंह के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे प्रमोद यादव को बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया। वहीं बरेली कॉलेज केंद्र पर रविंद्र की जगह परीक्षा देने पहुंचे अमेठी निवासी राम मनोहर प्रजापति की भी पहचान उजागर हो गई। दोनों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि अक्टूबर तक शिक्षक भर्ती एवं प्रधानाचार्य चयन समेत पांच बड़ी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनके लिए सुरक्षा और निगरानी का मजबूत खाका तैयार किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही पुलिस साल्वर गैंग के नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।