
बरेली। समाज में अब भी कुछ स्थानों पर लड़के और लड़की का विवाह निर्धारित वैधानिक आयु से पहले कर दिया जाता है। कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद बाल विवाह की घटनाएं विशेष अवसरों, जैसे अक्षय तृतीया, पर अधिक देखने को मिलती हैं।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत बाल विवाह कराना एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए दोषियों को दो वर्ष तक की सजा या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को है। ऐसे में आमजन से अपील की जाती है कि इस कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें और बाल विवाह को रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या मोबाइल नंबर 9897045967 पर जानकारी दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।