
बरेली, आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आगरा के परशुराम चौक पर एक विवादित घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा चौक पर लगे भगवा झंडे को उतारकर उसकी जगह नीला झंडा लगा दिया गया, जिससे सनातन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
इस घटना को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, शिव सेना तथा अन्य हिंदू संगठनों के समर्थकों ने सनातन धर्म के अपमान के रूप में देखा है। उनका कहना है कि यह कृत्य भगवान परशुराम और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के सम्मान के विरुद्ध है।
घटना को लेकर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हरकतें समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संबंधित संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अश्वनी सक्सेना, जो विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक पदों पर रहे हैं, उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि सनातन धर्म के प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और न ही होगी।
उन्होंने सभी सनातन धर्म के अनुयायियों से एकजुट रहने और शांति बनाए रखते हुए न्याय की मांग करने का आह्वान किया।

हर हर महादेव 🔱
जय भगवान परशुराम 🚩 🙏🏻