भक्ति + ज्ञान + वैराग्य + तपस्या = भागवत
विष्णु भगवान का अतिप्रिय पुरुषोत्तम मास।

वाराणसी 7 अगस्त श्री कृष्ण उत्सव सेवा समिति द्वारा आयोजित रामकटोरा स्थित चिन्तामणी बाग में जगतगुरु ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरुपानन्द सरस्वती की शिष्या पूजनीय सुश्री लक्ष्मीमणी शास्त्री ने कथा के प्रथम दिवस भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत पुराणों में महापुराण है मानव जीवन को भक्ति ज्ञान वैराग्य और तपस्या का फल संयुक्त रूप भागवत से सहज में प्राप्त हो जाता है।
पुरुषोत्तम मास को अधिक मास के नाम से भी जाना जाता है अगर कोई व्यक्ति तीन वर्षों में कोई भी दान पुण्य का कार्य नहीं कर पाता हो तो अधिक मास में किया गया दान पुण्य का लाभ कई गुना बढ़ जाता है। पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का सबसे प्रिय मास है। इस मास में दान पुण्य बढ़ चढ़कर एवं प्रभु सेवा बढ़ चढ़कर करके भक्त अपना जीवन संवार सकता है। यह मास धनसुख और वैभवदायक है, हर कोई इस महायज्ञ को कर नहीं सकता तो कथा श्रवण कर इस कमी को पूरा कर सकता है।
कथा प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः 8 बजे काशीपुरा से भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, जिसमें 108 महिलायें कलश धारण कर एवं 108 पुरुष हाथों में ध्वज लिये हुये थे तथा भगवान के अनेक अवतारों के स्वरूपों की झाँकी विराजमान थी। बैण्ड बाजा सहित शंखनाद दल शंखनाद करते हुए एवं डमरु दल डमरू बजाते हुए कसेरा समाज के नवयुवकों सहित संकीर्तन करते लोग रथ पर विराजमान कथा व्यास पूजनीया सुश्री लक्ष्मीमणी शास्त्री जी बड़ागणेश जी का दर्शन करते हुए कथा स्थल तक पहुँची, जहाँ भक्तों का मधुर रस एवं जलपान से स्वागत किया गया।
कथा का शुभारम्भ संस्था के संरक्षकगण पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ताओं के पूज्य आदरणीय माता पिता के द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री अशोक कसेरा ने सभी का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्रम् के साथ सम्मान कर आशीर्वाद लिया।
प्रातः कलश यात्रा के बाद वेदप्रकाश मिश्र कलाधर गुरू के आचार्यत्व में पाँच ब्राह्मणों द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण का पारायण मुख्य यजमान गणेश प्रसाद कसेरा एवं सुशीला देवी द्वारा संकल्प के साथ प्रारम्भ हुआ जो प्रतिदिन अनवरत कथा के पूर्व सम्पन्न होगा।
कथा में श्रद्धालुओं की हरसम्भव सुविधाओं का ध्यान रखते हुए कूलर, पंखा व जल की पूर्ण व्यवस्था की गयी थी कथा के अन्त में मुख्य यजमान श्री गणेश प्रसाद कसेरा एवं सुशीला देवी एवं अशोक कसेरा सहित श्री कृष्ण उत्सव सेवा समिति के सदस्यों द्वारा महाआरती सम्पन्न हुई। आज की प्रसाद सेवा संस्था एवं संस्था के कोषाध्यक्ष भईयालाल और घनश्याम कसेरा की तरफ से रही जिसे सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।