
शहर से देहात तक, 12 करोड़ों की आतिशबाजी धुआं-धुआं – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – कई सालों बाद नुमाइश मैदान में 90 प्रतिशत से अधिक दुकानदारों की आतिशबाजी खत्म हो गई। ऐसे में 10 प्रतिशत दुकानदार ही गोवर्धन के दिन दुकान लगाने आए। वैसे हर साल दीपावली के अगले दिन भी बड़े स्तर पर पटाखों की दुकान लगती थीं। महंगाई का भी बिक्री पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। इससे दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं।दो दशक से अधिक समय से नुमाइश मैदान में जिले का प्रमुख पटाखा बाजार लगता है। इस बार प्रशासन ने करीब सवा दो सौ से अधिक दुकानों के अस्थाई लाइसेंस जारी किए थे। 27 अक्टूबर से आतिशबाजी की बिक्री शुरू हो गई थी, हालांकि बाजार में रौनक धनतेरस के दिन से आनी शुरू हुई। इसके बाद भीड़ बढ़ती गई। दीपावली के दिन यहां दोपहर में भी अच्छी भीड़ थी। लोग पिछले सालों के मुकाबले अधिक पटाखे खरीद रहे थे। इसी के चलते दीपावली की रात तक 90 प्रतिशत दुकानों पर माल खत्म हो गया। आतिशबाजों की मानें तो इस बार जिले में 12 करोड़ से ज्यादा की आतिशबाजी की बिक्री हुई है। कई सालों बाद ऐसा मौका आया है, जब गोवर्धन के दिन महज प्रतिशत ही दुकानें रह गई हैं। हर साल इस दिन आधी से ज्यादा दुकानों पर माल खत्म नहीं हो पाता था। इसके चलते दीपावली के बाद भी पटाखे बेचने पड़ते थे।आतिशबाजी संघ के अध्यक्ष प्रदीप गंगा ने बताया कि ग्रीन पटाखों के चलते इस बार महंगाई थी, लेकिन ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।आतिशबाजी की खूब बिक्री हुई। पिछले साल आधे से ज्यादा दुकानदारों पर माल बाकी रह गया था, लेकिन इस बार प्रमुख दुकानदारों पर तो माल की पूर्ति तक नहीं पड़ी।