
राजस्थान में भ्रष्टाचार ने नए रेकॉर्ड बनाये ये चुप रही.
पेपर पर पेपर लीक होते रहे,ये चुप रही.
कन्हैया लाल जी की हत्या हुई ये चुप रही.
राजस्थान में बेटियों के बलात्कार होते रहे ये चुप रही.
कांवड़ यात्रा,धार्मिक जुलूसों पर प्रतिबंध लगाया गया,ये चुप बैठी रही.
भगवा झंडे उतरवाए गए ये चुप रही.
हिन्दुओ के पर्व होली पर प्रतिबंध लगाया गया, यह चुप रही.
मंदिरों को तोड़ा गया उन पर कब्जे होते रहे यह चुप रही.
बीते पांच वर्षों में यूं लगा मानो राजस्थान में कोई वसुंधरा राजे सिंधिया नामक कोई रहता ही नहीं हो, गहलोत से ऐसी सांठगांठ की 5 वर्षो में कभी गहलोत ने इसके घोटालों पर जांच तो छोड़ो कोई चर्चा तक नही की…