*स्वास्थ्य विभाग कुम्भ करण निर्दा में आक्सीजन न मिलने के कारण पन्द्रह मिनट में दो मौतें*
*आक्सीजन पर संत सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर बनाया था एटा में प्लांट*

*क्या कागजों में लगा आक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग के मुखिया की बहुत बड़ी लापरवाही*
लखनऊ- उत्तर प्रदेश संत सरकार ने करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर जिला एटा को आक्सीजन प्लांट दिया था, जिसमें विधायक निधियों से रुपयों को लिया गया था,प्लांट का ढांचा खड़ा है, आक्सीजन क्या ब्लैक में बेंच ली, जिलाधिकारी महोदय जरा जांच बैठाले कितने बड़े बजट से आक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग के मुखिया डॉ उमेश कुमार त्रिपाठी के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए तैयार करा दिया था, क्या कागजों में ही तैयार करा दिया था, मानवता सर्मशार हो गई उत्तर प्रदेश की सरकार की साख पर बट्टा लगा ने का काम सीएमओ साहब ने कर दिया है, भष्ट्राचार की सारी रस्में निभाई है, आक्सीजन न मिलने के कारण अबन्ती बाई मेडिकल कॉलेज में पन्द्रह मिनट दो मौतें होने से परिवार के साथ साथ जनपद बासिन्दो में कोहराम मच गया, चर्चा का विषय जनपद बासिन्दो में है, संत सरकार बजट खर्च करने में पीछे नही हट रही है, लेकिन भष्ट्राचारी सीएमओ ने सरकार का बजट चबा कर खा लिया, सरकार की साख पर बट्टा लगा ने काम किया है, स्वास्थ्य विभाग के मुखिया कुम्भ करण निर्दा में अफीम चाट कर सो रहे है और सीएमओ पल्ला झाड़ने के लिए अपनी कमी छिपाने के लिए आक्सीजन की कमी आदि पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पर टीकरा फोड़ कर फिर कुम्भ करण निर्दा में चले गए हैं, आक्सीजन की कमी से जूझ रहे एटा जिले के नुमाइंदों ने पूछा है,आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन सरकार मौन जिले मेडिकल कॉलेज अधिकारियों/प्राचार्य/प्रिंसिपल का क्या दोष अभी कुछ दिन पूर्व चार्ज लिया, लेकिन आक्सीजन की कमी से मौतों होने में जिम्मेदारी कौन लेगा, परिजनों में कोहराम मच गया है, कोतवाली नगर में परिजन सीएमओ/प्रिंसिपल/डॉ आदि के नाम FIR लिखाना चहाते है, लेकिन उनकी सुनने बाला कोई नही है, अगर FIR हुई तो क्या होगा नही हुई तब आखिर देखना है, ऊंट किस करवट बैठेगा