
बरेली। प्रभावी पैरवी के चलते वर्ष 2020 के चर्चित रिश्वतखोरी मामले में अदालत ने लेखपाल रामचंद्र को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला नवाबगंज तहसील का है, जहां खेत की चकरोड चिन्हित करने के एवज में लेखपाल ने किसान से 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने वर्ष 2020 में आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद बरेली की विशेष अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस मुकदमे में बरेली पुलिस, अभियोजन पक्ष और ऑपरेशन कन्विक्शन टीम की प्रभावी पैरवी ने अहम भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को न्यायालय से कड़ी सजा मिली।