
एटा,हत्यारोपियों ने खुद ही मृतक का बीमा कराया गया था। इसकी जानकारी मृतक और उसके भाई को नहीं हो सकी। पुलिस ने इस घटना का खुलासा कर दो आरोपियों को पकड़ा है। जबकि हत्या का मुकदमा मृतक की पत्नी सहित अन्य लोगों पर दर्ज कराया गया था।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि 25 सितंबर को सोवरन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 24 सितंबर की रात को बेटा चरन सिंह को घर से ले जाकर हत्या कर दी थी। शव को निधौलीकलां क्षेत्र में गहराना-अवागढ़ रोड पर फेंक दिया था। मामले में पत्नी सहित ससुरालीजनों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतक चरन सिंह का 30 लाख का बीमा 16 जनवरी को कराया था।
इसमें 4409 रुपये की किश्त जमा कर दी। बीमा को किए हुए छह माह से अधिक का समय होने पर हत्या करने की योजना बना ली। इन आरोपियों का चरन सिंह के घर पर उठना बैठना था, जो बीमा कराया था उसमें नोमिनी मृतक के भाई को बनाया था। पुलिस की मानें तो वह दिमागी रुप से कमजोर है। इस घटना में एसएचओ निधौलीकलां मनोज कुमार, टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी वीरेन्द्र निवासी नगला नया, रघुराज निवासी भूडगढढा गहराना निधौलीकलां को अलग-अलग जगह से पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वीरेन्द्र ने साथियों संग मिलकर चरन सिंह का 30 लाख का बीमा कराया था हादसे में मौत दिखाकर बीमा की राशि हड़प लेते।
आरोपियों ने मृतक का आधार, पैन कार्ड यहकर ले लिया था वह पीएम रोजगार योजना में नौकरी लगवा देंगे। योजना के तहत आरोपी वीरेन्द्र ने रघुराज की मैक्स पिकअप से कुचलकर हत्या कर दी थी और शव को फेंक दिया था।
पीएम रोजगार योजना में नौकरी का दिया था झांसा
एटा। एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने मृतक को पीएम रोजगार योजना में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था और महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लिए थे। भाई को भी साथ ले लिया था। रूपये भाई के खाते में आते। सभी रूपये आपस में बांट लेने की योजना थी।
फेसबुक पर मूवी देख मिला था आइडिया
एटा। फेसबुक पर आने वाले शार्ट मूवी को देखकर हत्यारोपियों के दिमाग में यह योजना बना ली। मूवी के हिसाब से ही घटनाक्रम को अंजाम दिया।
एसएसपी की सूझ-बूझ से कई निर्दोश जेल जाने से बचे
एटा। एसएसपी राजेश कुमार सिंह की सूझ-बूझ से कई निर्दोश जेल जाने से बच गए। मृतक का ससुरालीजनों से झगड़ा था घटना के 15 दिन झगड़ा करने के पत्नी मायके चली गई थी। पुलिस भी यही मानकर चल रही थी। एसएसपी के नेतृत्व में हुई जांच में खुलासे में कुछ दिन जरूर लगे। मामले का सही खुलासा हुआ। अन्य तीन आरोपी भी शामिल है उनको भी तलाश किया जा रहा है।