दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों द्वारा उत्तम क्षमा के साथ दसलक्षणा (पर्यूषण) महापर्व प्रारम्भ

दिगम्बर जैन धर्मावलम्बियों द्वारा उत्तम क्षमा के साथ दसलक्षणा (पर्यूषण) महापर्व प्रारम्भ

जैन धर्म के दसलक्षणा (पर्यूषण) महापर्व के पहले दिन मंगलवार को खोजवाँ स्थित अजीतनाथ जैन मंदिर में जैन धर्मावलम्बियों द्वारा पूजन के साथ दस दिवसीय अराधना एवं तप की शुरूवात किया गया।

इस मौके पर अनुष्ठान की शुरुआत भगवान महावीर के दर्शन, अभिषेक, पूजन के साथ हुआ। दसलक्षणा (पर्यूषण) महापर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा के अवसर पर खोजवां मंदिर के मंत्री दीपक जैन, अशोक कुमार जैन (निरालानगर) एवं नयन जैन की देखरेख में विश्व शांति के लिए शांति धारा का विधान किया गया।

शाम को भगवान की आरती के बाद श्रीमती डॉ मुन्नी पुष्प जैन द्वारा उत्तम क्षमा के महत्व पर जैन धर्म वलंबियों का मार्गदर्शन किया गया। वही भेलूपुर स्थित जैन मंदिर में पूजा का विधान डॉ अशोक कुमार सिंह द्वारा किया गया। प्रोफेसर फूलचंद जैन “प्रेमी“ (पूर्व विभागाध्यक्ष, जैन दर्शन विभाग, डॉ संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी) द्वारा उत्तम क्षमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यूषण पर्व की तपस्या में तप कर श्रेष्ठ बनते हैं। वही क्षमा मांग लेने एवं क्षमा दान करने से व्यक्ति मानसिक रूप से शुद्ध होकर अपने व्यक्तित्व को निखार जाता लेता है। प्रवचन के बाद महिलाओं द्वारा भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से दिगम्बर जैन समाज काशी के अध्यक्ष दीपक जैन, मंत्री अरुण जैन, तरुण जैन, विनोद जैन ‘‘रज्जू भैया’’, ध्रुव कुमार जैन, आलोक जैन, अनिल कुमार जैन, गौरव जैन, पंकज जैन, पूनम जैन, शालिनी जैन, दिव्या जैन, नीलू जैन आदि मौजूद रही।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *