श्लोक 4 (भागवत गीता 9.4):“मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमूर्तिना।मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः॥” श्लोक 5 (भागवत गीता 9.5):“न च मत्स्थानि भूतानि पश्य मे योगमैश्वरम्। भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः॥” भावार्थ:भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि यह...
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