
पिंक लेटर बॉक्स से पुलिस तक अपनी मन की पीड़ा पहुंचाएंगी छात्राएं, यूपी के इस जिले में SP ने की नई पहल
थानों में फरियादियों के साथ सौम्य व्यवहार के साथ महिला और छात्रा उत्पीड़न के मामले में एसपी डॉ. कौस्तुभ ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इस मामले में सभी थानाध्यक्षों को निर्देश जारी किया जा चुका है। अब मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को अपनी पीड़ा खुल कर बताने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस कड़ी में जल्द ही एक और पहल जुड़ जाएगा। जिन स्कूल में छात्राएं पढ़ती हैं, वहां पुलिस महकमा पहल करके पिंक लेटर बाक्स लगवाएगा।
पिंक लेटर बाक्स के पीछे मंशा है कि बहुत सी छात्राएं लोकलाज व पहचान उजागर होने की डर से उत्पीड़न के बारे में पुलिस को नहीं बता पातीं। सोशल मीडिया या हेल्प लाइन के जरिए भी शिकायत करने से कतराती हैं। इस तरह की छात्राओं को अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाने के लिए लेटर बॉक्स मददगार बनेगा। अपनी शिकायत को पत्र में लिख छात्राएं पिंक लेटर बॉक्स में डाल देंगी। एंटी रोमियो स्क्वायड में शामिल महिला आरक्षी समय-समय पर पिंक लेटर बॉक्स को खोल उसमें से पत्र निकाल कार्रवाई करेगी। इससे छात्राओं का पहचान उजागर भी नहीं होगी।
हर शोहदे का रहेगा रिकार्ड, परिजनों से फोन पर बात करेगी पुलिस
एंटी रोमियो टीम को प्रभावी बनाने के लिए एसपी उनको छह बिन्दुओं पर टॉस्क सौपेंगे। सार्वजनिक स्थान, कालेज, मंदिर, बाजार जैसे भीड़भाड़ इलाके में अगर कोई शोहदा महिलाओं व युवतियों का पीछा करते या छेड़खानी करते मिला तो टीम उसका पूरा ब्योरा दर्ज करेगी। फोन पर परिजनों से बात व काउंसलिंग करेगी। सुधार नहीं आने पर केस दर्ज कर कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही पुलिस के पास यह आंकड़ा होगा कि कितने शोहदों की जांच हुई। क्या-क्या कार्रवाई हुई? शोहदों का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। लेकिन उनकी हर गतिविधि पर मानीटरिंग होगी।
महिला सुरक्षा पुलिस की शीर्ष प्राथमिकता है। शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश जारी किया है। इसमें और सुधार का प्रयास किया जा रहा है। माह के अंत तक सभी स्कूल-कॉलेज में पिंक लेटर बॉक्स लगाने का पहल किया जाएगा। इसमें छात्राएं अपनी शिकायत पत्र पर लिख डाल सकेंगी। उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।