
अन्नदाता व धरती के भगवान कहे जाने वाले किसानों के साथ विद्युत विभाग क्यों कर रहा है उत्पीडन ,अनसुनी व सौतेला व्यवहार।
आखिर किसान क्यों हो रहे है ट्यूबैल कनैक्शन कटवाने को मजबूर।
एटा- जनपद के मारहरा विकास खण्ड /ब्लाक में ग्राम पंचायत हयातपुर माफी के करीब आधा दर्ज़न किसानों का विद्युत विभाग कर रहा है उत्पीड़न। किसानों का कहना है कि उन्होंने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों / हल्का जेई से कई बार बात करने की कोशिश की है लेकिन किसी ने भी किसानों की समस्याओं को दूर करने की अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं समझा जिससे किसानों को सिंचाई करने के लिए समय-समय पर बिजली सप्लाई प्रॉपर तरीके से नहीं मिल रही है जिसके कारण किसानों के ट्यूब एक साथ सिंचाई के लिए चलाने पर कुछ ट्यूबवेल से पानी आ जाता है और कुछ ट्यूबैल बिजली के वोल्टेज कम होने के कारण सिंचाई करने से वंचित रह जाते हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों से कई बार इस संबंध में बात की है लेकिन किसानों की कोई बात सुनने को कोई भी तैयार नहीं है जब सरकार 10 किलो वाट का कनेक्शन करके 10 किलो वाट के हिसाब से किसानों के एक टेबल से बिल ले रही है जिससे 9-10 ट्यूबैलों पर कम से कम 100 किलो वाट का ट्रांसफार्मर होना चाहिए,, जिससे किसान अपने खेतों में उचित तरीके से सिंचाई कर सकेंगे परंतु 10 ट्यूबैलों के सापेक्ष केवल 63 किलो वाट के ट्रांसफॉर्मर से ही 100 किलोबाट लोड को कैसे सहेगा,,,तो वही विद्युत नियमानुसार भी 10ट्यूबैलों पर कम से कम 100 किलोबाट का आज ट्रांसफार्मर होना ही चाहिये। जिससे किसानों की सिंचाई बिना लेट देर के समय पर हो सकें।