कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई-बहन के स्नेह के पर्व भैयादूज को मनाया जाता है

16 नवम्बर????????

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई-बहन के स्नेह के पर्व भैयादूज को मनाया जाता है जिसके बारे मे मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध करने के पश्चात अपनी बहन सुभद्रा से मिलने गए थे. सुभद्रा ने अपने भाई से मिलकर उनका तिलक कर आरती पूजन किया और पुष्पहारों से उनका आदर सत्कार के साथ स्वागत किया तब से ही हर वर्ष इसी तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है इसके साथ साथ एक पौराणिक कथा यह भी है कि इस दिन यमुना ने यमराज को अपने यहां भोजन कराया था जिससे खुश होकर यमराज नें नरक के जीवों को मुक्त कर दिया था. नरक से मुक्ति पाकर सभी जीवों को नरक की यातनाओं से मुक्ति मिली और वे तृप्त हो गए. सभी जीव पापमुक्त होकर सभी सांसारिक बंधनों से मुक्त हो गए और सभी जीवों ने मिलकर उत्सव मनाया और ये उत्सव यमलोक के राज्य को सुख पहुंचाने वाला था तभी से यह तिथि यम द्वितीया के नाम से प्रचिलित हुई और इसी तिथि को हर वर्ष भाई दूज पर्व मनाया जाता है

भाई बहन के स्नेह के इस विशेष पर्व भैयादूज की आप सभी को बहुत बहुत बधाई इन कामनाओं के साथ कि आप सबका अपने परिवार में प्रेम बना रहे ! ????????

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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