
नई दिल्ली।
लखनऊ/ नई दिल्ली:
अमीर नगर कस्बे और पत्रकारिता जगत के लिए यह अत्यंत दुःखद समाचार है कि डॉ. श्याम नारायण शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार, ‘चीखता भारत’ के संपादक, और राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव, का आज लखनऊ में एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। इस हृदय विदारक खबर से पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. शुक्ला एक बेहद मिलनसार, सज्जन और सम्मानित व्यक्ति थे। अपने परिवार में वह सभी भाइयों में सबसे बड़े थे और उनके आकस्मिक चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्रकारिता जगत में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने गोला गोकर्णनाथ में रहते हुए दो साप्ताहिक समाचार पत्रों, ‘चीखता भारत’ और ‘गांव की रोशनी’ का संपादन किया, जो आज भी सफलतापूर्वक प्रकाशित हो रहे हैं। वह एक मान्यता प्राप्त पत्रकार होने के साथ-साथ पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश महासचिव के रूप में भी सक्रिय थे।
वर्तमान में उनका परिवार लखनऊ में रहता है, जबकि उनका पैतृक निवास अमीर नगर में है। मोहर्रम मेले के अवसर पर वह अपने पैतृक घर आए हुए थे और आज सुबह ही लखनऊ के लिए निकले थे, जहां दुर्भाग्यवश यह सड़क दुर्घटना हुई और उन्होंने अपनी जान गंवा दी।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की श्रद्धांजलि और महत्वपूर्ण मांग
भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवार ने इस दुखद घड़ी में शहीद पत्रकार डॉ. श्याम नारायण शुक्ला को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकारों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से इस तरह शहीद हुए पत्रकारों के परिवारों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि परिवार के एक सदस्य को उनकी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जानी चाहिए। बिंदुसार जी ने पत्रकार कल्याण कोष की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका अता-पता नहीं चल रहा है कि इससे किसको लाभ मिल रहा है। यह समय है कि सरकारें पत्रकारों के कल्याण के लिए बनी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाएं।
इस दुखद घड़ी में, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें। डॉ. श्याम नारायण शुक्ला की कमी पत्रकारिता और समाज दोनों को हमेशा खलेगी।