श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो” – प्रशासन की प्राथमिकता

सरसावा खबर…

श्रावण मास की शुरुआत के साथ सरसावा नगर पालिका प्रशासन सतर्क…

कांवड़ यात्रा को लेकर नगर पालिका जुटी तैयारियों में…

दिशा-निर्देशों वाले पोस्टर और QR कोड सिस्टम से कांवड़ियों को मिलेगी सुविधा..

सरसावा: श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही देशभर के लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े हैं। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर ये श्रद्धालु उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की ओर पैदल यात्रा करते हुए सरसावा नगर से गुजरते हैं। ऐसे में सहारनपुर जनपद का यह नगर एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन चुका है, जिसे ध्यान में रखते हुए नगर पालिका सरसावा द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

अधिशासी अधिकारी ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश…

नगर पालिका सरसावा के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा की जा रही तैयारियों का जायज़ा लिया और पेयजल, स्वच्छता, लाइटिंग तथा मार्ग की साफ-सफाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा मार्ग पर आकर्षक स्वागत द्वारों के साथ-साथ पथ प्रकाश, शौचालय, मोबाइल लाइट्स और प्राथमिक चिकित्सा की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।

चेयरमैन प्रतिनिधि ने दिए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश, हर स्तर पर सजग रहने की अपील..

नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू पवार ने भी अधिशासी अधिकारी के साथ कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान हर मोर्चे पर सजग और जिम्मेदार तरीके से कार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कोई भी व्यवस्था अधूरी न रह जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मार्गदर्शन के लिए लगाए गए दिशा-निर्देश वाले पोस्टर…

सरसावा नगर में कई स्थानों पर दिशा-निर्देशों से संबंधित पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें यह स्पष्ट किया गया है कि किस मार्ग से कौन सा राज्य अथवा शहर जाने के लिए कांवड़िये जा सकते हैं। इससे कांवड़ियों को दिशा भ्रम से बचाने में मदद मिलेगी और यात्रा सुगम होगी।

तकनीक का सहारा: व्यवस्थाओं के लिए लगाए गए QR कोड

यात्रा मार्ग पर विशेष रूप से QR कोड भी लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर श्रद्धालु आवश्यक जानकारी जैसे चिकित्सा सहायता, जलपान केंद्र, शौचालय, कंट्रोल रूम का नंबर, और नजदीकी विश्राम स्थल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल कांवड़ यात्रा में तकनीकी सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बन रही है।

कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

सरसावा हाईवे कट पर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। यह कंट्रोल रूम यात्रा के दौरान होने वाली किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेगा। इसके माध्यम से अधिकारी यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी भी करेंगे।

“श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो” – प्रशासन की प्राथमिकता

अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार और चेयरमैन प्रतिनिधि राजू पवार ने कहा कि शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हमारी कोशिश यही है कि कांवड़ियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। सभी कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं, ताकि यह धार्मिक यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धा से परिपूर्ण हो सके।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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