
खबर जनपद एटा के गांव बदरिया से संबंधित है कासगंज रोड पर गांव वदरिया पर मुरली कृष्णा नाम से एक चकोरी फैक्ट्री लगभग चोदह वर्षो से संचालित है गांव वालों का कहना है कि फैक्ट्री संचालक चोकोरी फैक्ट्री का गंदा पानी जमीन के अंदर छोड़ रहें है जिससे गाँव का जल प्रदूषित हो रहा है, इस कारण ग्राम बासियो को गंभीर रोग हो रहें है, ग्राम वासियों का कहना है ग्रामीणो द्वारा अनेकों वार फैक्ट्री संचालक से इस बाबत बात कही गयीं लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाये लिहाजा हमें आंदोलन का रास्ता चुनना पढ़ा!
किसान नेता कैलाश लोधी का कथन
कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर ग्राम वासियों के समर्थन पर धरने पर बैठे किसान नेता कैलाश लोधी का कहना है कि गरीब गांव वासियों के सुनने वाला कोई नहीं है हमें धरने पर बैठे एक हफ्ता से अधिक हो गया है ना ही हमें कोई प्रशासनिक अधिकारियों से संतोष जनक जवाब मिला है और ना ही हमसे मिलने अभी तक फैक्ट्री संचालक या क्षेत्र से संबंधित कोई जनप्रतिनिधि मिलने आया है, बल्कि आज कुछ प्रशासनिक अधिकारी हमारे धरने को जबरन ख़त्म कराने की कोशिस करते देखें गए, कैलाश लोधी ने साफ तोर पर कहा कि मानकों के विपरीत चल रही फैक्ट्री बंद होनी चाहिए,उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक हमें फैक्ट्री संचालक या प्रशासन द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता हम धरने पर बैठे रहेंगे!
ग्राम प्रधान वदरिया का कथन
ग्राम प्रधान बदरिया पर भी ग्रामीणो व् धरने पर बैठे कैलाश लोधी ने सामजिक लड़ाई मे उनका सहयोग न करने का आरोप लगाया, इस संबंध में जब ग्राम प्रधान बदरिया के प्रतिनिधि नरेश लोधी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि धरना प्रदर्शन के पहले दिन हम उसमें शामिल थे किन्तु वाद मे फैक्ट्री संचालक ने हमसे बात की व् समस्याओं को निराकरण करने का आश्वासन दिया, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने वताया कि हमने ग्यारह मांगे फैक्ट्री संचालक के सामने रखी जिन में प्रमुख रूप से, टूटी हुई सड़क की मरम्मत करवाना, फैक्ट्री के दूषित जल का शुद्धीकरण हेतु प्लांट लगवाना, फैक्ट्री का कचरा पढ़ने वाली जगह की चारदीवारी करवाना, गांव के लोगों के लिए शुद्ध पीने के आरो प्लांट लगवाना, चिमनी को ओर ऊंचा करवाना आदि प्रमुख है, जिन्हे फैक्ट्री संचालक द्वारा मान लिया गया है,वस सभी मांगों को पूर्ण करने के लिए एक समय सीमा मांगी गई है, वो समय सीमा तो हमें, उन्हें देनी पड़ेगी, फैक्ट्री संचालक मांगों को पूर्ण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, यदि वह कामों को तय समय पर पूरा नहीं करते हैं तब हम आंदोलन का रास्ता चुनेंगे अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा धरना प्रदर्शन कर रहे लोग फैक्ट्री बंद करने पर अड़े हुए हैं,जबकि हमारी प्राथमिकता पर गांव के जल व वातावरण को शुद्ध करवा कर ग्राम वासियों की समस्याओं का निस्तारण कराना है!
फैक्ट्री संचालक का कथन
पूरे प्रकरण में फैक्ट्री संचालक राकेश वार्ष्णेय का कहना है कि कोई इतनी बड़ी समस्या नहीं है फैक्ट्री लगभग चोदह वर्षों से संचालित है इतने लंबे समय मैं अब तक किसी को कोई समस्या नहीं हुई, समस्या अब भी कोई नहीं है, पास ही हमारा विद्यालय है, आज तक किसी भी छात्र या शिक्षक को किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने नहीं आई, गांव की दूरी की तुलना में “पी.ए.सी बटालियन” बहुत पास है वंहा से भी किसी प्रकार की कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या अभी तक सामने नहीं आयी है,कुछ कतिपय लोग जानबूझ कर फैक्ट्री को बदनाम कर कर हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं, बाबजूद इसके हम फिर भी ग्राम प्रधान द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने में जुटे हुए हैं जवकि पानी को शुद्ध करने का प्लांट हमारे यहां पहले से मौजूद है लेकिन ग्राम वासियों की मांग पर हम उसे प्लांट को बड़े स्तर पर अपग्रेड कर रहे हैं,जल्द ही सभी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा, उन्होंने कहा जब हम ग्रामवासियों सभी मांगों को पूरा करने पर वचनबद्ध हैं तो फिर धरना पर्दशन आखिर क्यों?