प्रतिभाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है शिक्षा

प्रतिभाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है शिक्षा।

वाराणसी

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी में 45वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर आयोजित दीक्षोत्सव के अंतर्गत शिक्षा शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित शैक्षिक उत्सव “अभिव्यक्ति” में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर कनकलता विश्वकर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के अंदर निहित प्रतिभाओं के प्रदर्शन का सशक्त माध्यम अभिव्यक्ति है। अतःइस प्रकार के आयोजन सभी विभागों एवं महाविद्यालय में की जानी चाहिए। शिक्षा शास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सुरेंद्र राम ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वामी विवेकानंद के शिक्षा संबंधी विचारों को उद्धृत करते हुए बताया कि शिक्षा बालक के अंदर निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है। इसलिए शैक्षिक संस्थानों को विद्यार्थियों में निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। अपने वक्तव्य में प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न कार्यक्रमों को सराहा तथा विद्यार्थियों को सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उक्त अवसर पर डॉक्टर दिनेश कुमार एवं विभाग के अन्य सदस्यों के साथ शोधर्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। उक्त कार्यक्रम में भागीरथी मोनिक जांहवीं सुमन रुद्रांश, रूपम,रविशंकर,राहुल रेनू स्मृति अनूप बृजेश शाज़िदा श्वेता अमर सहित बी.एड. प्रथम वर्ष के समस्त प्रशिशुओ ने विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का संचालन आभाष जोशी एवं दिव्यद्युति उकिल् तथा धन्यवाद ज्ञापन आयोजक सचिव डॉ राखी देव ने किया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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