होम्योपैथी लगभग सभी बीमारियों का इलाज करने में कारगर साबित हो रहा है,डॉ पूजा गुप्ता

होम्योपैथी लगभग सभी बीमारियों का इलाज करने में कारगर साबित हो रहा है।
डॉ पूजा गुप्ता

वाराणसी भेलूपुर जैन मंदिर के बगल में स्थित द वाराणसी क्लिनिक एंड होम्योपैथिक रिसर्च सेंटर की प्रमुख डॉ पूजा गुप्ता बताती है कि आज पूरे विश्व में बहुत तेजी से होम्योपैथिक के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है जिसका मुख्य कारण है लोगों को अप्रत्याशित लाभ मिलना बीमारी जड़ से खत्म होना।
वैसे तो होम्योपैथी लगभग सभी बीमारियों का इलाज करने में कारगर साबित हो रहा है फिर भी मुख्यतः असाध्य समझे जाने वाले इन 5 बड़ी बीमारियों में होम्योपैथिक उपचारों से चमत्कारिक रूप से फायदा करती हैं।
ऑटोइम्यून रोग का इलाज है
एलोपैथिक मेडिसिन सिस्टम में ज्यादातर ऑटोइम्यून बीमारियों का कोई इलाज नहीं है और दवाओं की मदद से सिर्फ इन बीमारियों के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन होम्योपैथी में दावा किया जाता है। कि होम्योपैथिक दवाओं से कई स्वप्रतिरक्षित रोगों को ठीक किया जा सकता है।
डिजनरेटिव डिजीज का इलाज
ऐसी बीमारियों जो शरीर की मांसपेशी हड्डी या किसी अन्य संरचना के ऊतक को क्षति पहुंचाती हैं उन्हें अपक्षयी रोग यानी डिजनरेटिव डिजीज कहा जाता है। ऐसे कई डिजनरेटिव रोग हैं। जिनका इलाज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की मदद से किया।
मानसिक बीमारियों का इलाज
होम्योपैथिक दवाओं की मदद से सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि कई मानसिक बीमारियों का इलाज भी किया जा सकता है जिनमें बाइपोलर डिसऑर्डर ऑटिज्म और डिप्रेशन जैसी बड़ी बीमारियां भी शामिल हैं। साथ ही होम्योपैथी में कई मूड डिसऑर्डर भी ठीक किए जाते हैं।
मौसमी बीमारियों का इलाज
होम्योपैथी दवाओं को कई मौसमी बीमारियों का इलाज करने में भी काफी प्रभावी माना गया है। इनमें आमतौर पर बुखार सर्दी-जुकाम गले में संक्रमण और एलर्जी जैसी कई बीमारियां हैं जिस पर होम्योपैथी की अच्छी पकड़ मानी गई है। चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम आईबीएस एक सामान्य, दीर्घकालिक विकार है जिसके कारण स्वास्थ्य संबंधी जीवन की गुणवत्ता और कार्य उत्पादकता में कमी आती है।
वैरिकाज़ नसों का इलाज
यह दर्द को कम करने आगे की वैरिकोसिटी को नियंत्रित करने सूजन को कम करने में मदद करता है। होम्योपैथी उन मामलों में भी काफी मदद करती है जिनमें वैरिकाज़ अल्सर होता है। वैरिकाज़ नसों के सभी मामलों के लिए होम्योपैथिक उपचार की दृढ़ता से अनुशंसा की जाती है। उन मामलों को छोड़कर जो वास्तव में सर्जिकल प्रकृति के होते हैं।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks