
सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों मंदिर
वाराणसी। । विहिप के अन्तरराष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांदे ने कहा कि देश के सभी मंदिर सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने चाहिए। उनका संचालन हिन्दुओं को करना चाहिए। वह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल टेंपल कॉन्क्लेव के अंतिम दिन सोमवार को राम मंदिर के रूपांतरण विषय पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि विहिप ने विभिन्न धर्मप्रमुखों, मंदिर प्रबंधनों के प्रतिनिधियों, सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश-न्यायाधीश एवं अधिवक्ताओं की एक कोर टीम बनाई है। यह टीम वैधानिक माध्यम से मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने की कार्ययोजना बना रही है। दक्षिण भारत में खुद को सेकुलर मानने वाली राज्य सरकारें मंदिरों की गतिविधियों में हस्तक्षेप करती हैं। उन मंदिरों का धन ऐसी जगहों पर खर्च हो रहा है, जहां नहीं होना चाहिए। अनेक मंदिरों की जमीन ईसाई और मुस्लिम समाज को दी जा रही है। जबकि कहीं भी चर्च या मस्जिद की संपत्तियों का उपयोग हिन्दू समाज के लिए नहीं होता। मंदिरों के दान का अन्य धर्मों के लिए उपयोग स्वीकार्य नहीं है। परांदे ने कहा कि तथाकथित सेक्यूलर सरकारों को इस संबंध में समान सोच रखनी चाहिए।
संचालन को बना रहे माड्यूल उन्होंने बताया, हम एक मॉड्यूल बना रहे हैं जिसके माध्यम से सरकारी नियंत्रण से मुक्त मंदिरों का संचालन होगा। ट्रस्टियों की नियुक्ति समेत कई बिंदुओं पर खाका तैयार हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद का मानना है कि किसी मंदिर का संचालन केवल एक बोर्ड को न सौंपा जाए। कुछ राज्यों से जल्द इसका प्रयोग शुरू किया जाएगा।
धर्म प्रचार में मंदिरों की भूमिका जरूरी मिलिंद परांदे ने कहा कि मंदिरों के माध्यम से धर्म, उपासना का प्रचार होना जरूरी है लेकिन कई मंदिर ऐसा नहीं कर रहे हैं। जबकि चर्चों, मस्जिदों के माध्यम से धर्म प्रचार होता है। विहिप महासचिव ने कहा कि मंदिर शक्ति के केंद्र रहे हैं। हिन्दू देवी-देवताओं के हाथों में शस्त्रत्त् विद्यमान रहते हैं लेकिन दुर्भाग्य से भक्त निशस्त्रत्त् हो गए हैं।
राम मंदिर में सरकारी हस्तक्षेप नहीं विहिप महासचिव ने कहा राम मंदिर के निर्माण में सरकार का हस्तक्षेप नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने व्यवस्थाएं बनाईं, फिर अलग हो गई। अब मंदिर की सारी जम्मेदारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देख रहा है। यह सरकारी नहीं, स्वतंत्र ट्रस्ट है।