मन्नत मांगने जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 47 श्रद्धालु तालाब में डूबे, 10 की मौत

यूपी (लखनऊ) : मन्नत मांगने जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 47 श्रद्धालु तालाब में डूबे, 10 की मौत

जनपद से करीब 30 किमी. दूर इटौंजा में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हुआ। कुम्हरावां रोड पर गद्दीपुरवा के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरटेक के चक्कर में पीछे से टक्कर मार दी। जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर तालाब में पलट गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ड्राइवर समेत करीब 47 लोग सवार थे।

एसडीआरएफ और पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन में 36 लोगों को बचा लिया गया। जबकि 10 लोग की जान नहीं बचाई जा सकी। मरने वालों में 8 महिलाएं और 2 बच्चे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

दरअसल सीतापुर के अटरिया इलाके के गांव तिकोई के लोग उनाई देवी मंदिर में चढ़ावा चढ़ाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से मंदिर के लिए रवाना हुए थे। कुम्हारा रोड पर गद्दीपुरवा के पास ट्रक ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। लेकिन रास्ता बहुत संकरा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर मार दी। इसकी वजह ट्रैक्टर-ट्रॉली कच्ची मिट्‌टी की तरफ उतर गया। ड्राइवर ट्रैक्टर नहीं संभाल सका और बगल के तालाब में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इसके बाद चीख-पुकार मच गई।

गांव के लोग मौके पर दौड़ कर पहुंचे। कुछ लोगों ने तालाब से लोगों को बाहर खींच लिया। 5-6 लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद गांव के लोग तालाब में कूद गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बचाने की कोशिशें शुरू हुईं। करीब 4 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।

पहले एक घंटे में करीब 12 घायलों को बाहर निकाला जा चुका था। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। डीएम लखनऊ सूर्यपाल गंगवार और एसपी ग्रामीण हृदेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली। दोपहर में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक घटना स्थल पर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए कहा कि ट्रक की टक्कर से हादसा हुआ है।

गद्दीपुरवा के रहने वाले जहरुद्दीन उन लोगों में है, जो हादसे के बाद सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे। वो कहते हैं, मेरा घर करीब 100 मीटर की दूरी पर था। बहुत तेज आवाज हुई, हमने देखा तो तालाब में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट चुकी थी। भागते हुए घटनास्थल पर पहुंचे।

5 से 6 लोग छिटक कर पानी में गिर गए थे। उन्हें हाथ पकड़कर बाहर खींचा गया। इसके बाद हम लोग पानी में उतर गए। ट्रॉली को खोला गया। लगातार लोगों को बाहर निकालते रहे। कुछ महिलाएं बेहोश हो गई थीं। उन्हें बचाने में सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। करीब 20 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। बाकी लोगों को प्रशासन से आई टीम ढूंढ रही है।

मिली जानकारी के अनुसार इस ट्रैक्टर ट्रॉली में रामरतन की पत्नी, बेटी रुचि, उनके छोटे भाई चुन्नी की पत्नी और उनकी बेटी आयुषी भी थे। हादसे में दोनों महिलाएं और बच्चों की जान चली गई। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

बता दें कि सभी मरने वाले सीतापुर अटरिया के हैं। प्रशासन के अनुसार पूनम, अंजलि, अर्पित मौर्य, आशुतोष, नीतू मौर्य, अनिकेत मौर्य, सलोनी चौरसिया, रामकली, प्रिया, पुष्पा गुप्ता, कमला, कृषिका, तान्या गुप्ता, जूही, दिवाकर, विमला, राजिया, साजिदा, सुषमा, उर्मिला और भारती को बचाया नहीं जा सका है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुए सड़क हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने जिलाधिकारी एवं पुलिस के अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा। उन्होंने कहा- घायलों को अच्छा इलाज मुहैया करवाया जाए। किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मरने वाले लोगों के परिवार को 4-4 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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