
बुंदेलखंड में मध्य प्रदेश शासन के आदेशों की एसके शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर द्वारा अवहेलना सीएम ने दिए जांच के आदेश
!!.एसके शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर की 2 वेतन वृद्धियां रुकेंगी: चरण वंदना कर तगड़ी पहुंच के कारण आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल को किया गुमराह.!!
पंकज पाराशर छतरपुर
भोपाल l बुंदेलखंड में मध्य प्रदेश शासन के आदेशों की एसके शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर द्वारा अवहेलना में की जा रही है, नियमों को ताक कर मनमर्जी से कार्य करने के दोषी एस के शर्मा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की जांच में दोषी पाए जाने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं l छतरपुर जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत व अपर कलेक्टर (विकास) ने एक शिकायत की जांच में नियमों को ताक कर मनमर्जी से कार्य करने का जांच प्रतिवेदन दिनांक 21 सितंबर 2020 को आयुक्त लोक शिक्षण को भेजा है l
जांच प्रतिवेदन पर आयुक्त लोक शिक्षण ने एसके शर्मा को पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने का दोषी माना है तथा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 2 वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने के लिये जबाब तलब किया है l
ज्ञात हो कि एसके शर्मा लम्बे समय से भ्रष्टाचार में लिप्त होकर मनमानी करते आ रहे हैं और राजनेताओं की चरण वंदना कर अपनी तगड़ी पहुंच के कारण शिक्षा विभाग को खोखला कर रहे हैं l
लगातार चली आ रही मनमानी की कड़ी में इन्होंने रिटायर्ड हुए प्राचार्यो को 3 वर्ष से 5 वर्ष तक स्वत्वों के भुगतान के लिए भटकाया और भटकाने के बाद जब सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें होने लगीं तो कलेक्टर को गुमराह कर अर्जित अवकाश के मनमाने ढंग से आदेश निकाल दिये l इन मनमाने आदेशों के खिलाफ भारी संख्या में जनसुनवाई में आवेदन पहुंचने लगे परन्तु जिले का दुर्भाग्य है कि जनसुनवाई की शिकायतें भी इन्हीं भृष्ट अधिकारियो के पास पहुंचने लगीं जब कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने साफ निर्देश दिये हैं कि शिकायत का निपटारा कलेक्टर अपने सामने ही करें विभाग को अग्रेषित करना पर्याप्त नहीं है l
अब देखना यह है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते छतरपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी एसके शर्मा की मनमानी ऐसे ही चलती है या अधिकारी कुछ अंकुश लगा पाएंगे ?