
बरेली । आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ निर्देश दिए हैं कि आंधी, बारिश या किसी भी आपदा से हुए नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों को 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई जाए। इसके साथ ही गांव-गांव जागरूकता नेटवर्क तैयार करने के लिए लेखपालों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य, जिला और तहसील स्तर पर पहले से सक्रिय ग्रुपों के साथ अब ग्राम स्तर तक सूचना तंत्र को मजबूत किया जाएगा। हर ग्रुप में प्रधान, कोटेदार, पुजारी, मौलवी, स्वास्थ्यकर्मी समेत कम से कम 30 लोगों को जोड़ा जाएगा ताकि आपदा संबंधी सूचना तत्काल आमजन तक पहुंचे।

डीएम ने कहा कि हाल ही में आई आंधी और बारिश से प्रदेश में हुए नुकसान से सबक लेते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहानि या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में संवेदनशीलता के साथ तत्काल राहत और अनुदान उपलब्ध कराया जाए तथा पीड़ित परिवारों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
बैठक में आगामी बाढ़ सीजन को देखते हुए 9 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज और 11 जून को बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित करने की जानकारी दी गई। डीएम ने पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, नगर निगम, सिंचाई विभाग, नागरिक सुरक्षा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत सभी एजेंसियों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौसम विभाग की चेतावनियों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश के कई जिलों में लू, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपदा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।