
बरेली। अब असंगठित क्षेत्र के कामगारों और छोटे व्यापारियों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पेंशन योजनाओं का लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए।
दरअसल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, मोची, दर्जी समेत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3000 मासिक पेंशन दी जाएगी।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम हो तथा वह आयकरदाता या EPFO, NPS और ESIC का सदस्य न हो।
इस योजना की खास बात यह है कि श्रमिक जितना मासिक अंशदान जमा करेगा, उतनी ही राशि सरकार भी उसके खाते में जमा करेगी। साथ ही, लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को 1500 रुपये मासिक पारिवारिक पेंशन भी मिलेगी।
वहीं लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत छोटे दुकानदारों, रिटेल व्यापारियों, होटल संचालकों और 1.5 करोड़ रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को भी 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3000 मासिक पेंशन देने का प्रावधान है।

श्रम विभाग के अनुसार, बरेली में अब तक 10,326 श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य में जनपद प्रदेश में 12वें स्थान पर पहुंच चुका है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक और व्यापारी जन सेवा केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कराकर अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।