
एमएसडब्ल्यू विभाग का इंपैक्ट असेसमेंट सफल, गांव-गांव में दिखा स्वास्थ्य और शिक्षा पर सकारात्मक असर
बरेली, 20 अप्रैल 2026
महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग (एम.एस.डब्ल्यू.) द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना का व्यापक प्रभाव मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
16 से 18 अप्रैल 2026 के बीच हुए इस सर्वे में बरेली जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन, जल उपलब्धता और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का गहन अध्ययन किया गया।
🔷 9 ब्लॉकों में उतरी टीम, 35 छात्रों ने संभाला मोर्चा
समाज कार्य विभाग की कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. विजय बहादुर सिंह यादव के मार्गदर्शन में यह अध्ययन संपन्न हुआ। डॉ. अफसाना, डॉ. निवेदिता त्रिवेदी, डॉ. रफ्फान अली और डॉ. विश्वदीप सिंह के नेतृत्व में 35 विद्यार्थियों की टीम ने आलमपुर जाफराबाद, मझगवां, मीरगंज, बहेड़ी, भोजीपुरा, बिथरी चैनपुर, भूटा, नवाबगंज और फरीदपुर ब्लॉकों के गांवों में पहुंचकर फील्ड सर्वे और साक्षात्कार किए।
🔷 रिपोर्ट में बड़ा असर—बीमारियां घटीं, स्कूल बढ़े
अध्ययन के निष्कर्षों ने साफ किया कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव आया है—
जलजनित बीमारियों में भारी कमी
इलाज पर होने वाला खर्च घटा
लड़कियों की स्कूल उपस्थिति में बढ़ोतरी
अब पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी खत्म होने से महिलाओं को राहत मिली है और वे परिवार व बच्चों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।
जिला स्तरीय जल जीवन मिशन टीम के तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग से यह अध्ययन और अधिक प्रभावी बना। ग्रामीणों से सीधे संवाद और आंकड़ों के विश्लेषण ने योजना की सफलता को प्रमाणित किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. पी. सिंह ने टीम को बधाई देते हुए कहा—
“विश्वविद्यालय की असली पहचान तब बनती है जब वह समाज से जुड़कर बदलाव लाता है। यह अध्ययन उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।”
इस इंपैक्ट असेसमेंट से मिले सुझाव जल जीवन मिशन के बेहतर क्रियान्वयन और भविष्य की योजनाओं को और प्रभावी बनाने में मददगार साबित होंगे। इसमें जल निगम ग्रामीण बरेली की भी अहम भूमिका रही।