जय मनरेगा मजदूर संघ का तृतीय प्रादेशिक प्रशिक्षण कार्यशला का उद्घाटन पूर्व सांसद व आलापुर के लोकप्रिय सपा विधायक माननीय त्रिभुवन दत्त जी के कर कमलों द्वारा किया गया|

अम्बेडकरनगर जिले के विधान सभा क्षेत्र आलापुर के विकास खंड जहांगीरगंज के ग्राम सभा चांडीपुर खुर्द सरयूनगर में आज जय मनरेगा मजदूर संघ का तृतीय प्रादेशिक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन हुआ|प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व सांसद एवं आलापुर के लोकप्रिय सपा विधायक माननीय त्रिभुवन दत्त जी ने फीता काटकर किया|जय मनरेगा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उनके पदाधिकारियों ने विधायक त्रिभुवन दत्त का स्वागत सम्मान किया|विधायक त्रिभुवन दत्त ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे साथियों निश्चित तौर से लोग मेहनत मजदूरी करने के बाद ही लोग आगे पहुंचते हैं और आप सभी लोगों को मालूम हो कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी भी एक बहुत ही गरीब समाज में पैदा हुए थे और उस समय तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था के तहत जिस समाज के लोगों को इस मुल्क में पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं था, जिनको अच्छा कपड़ा पहने का,जिनको अच्छी रोटी खाने का,अच्छे मकान में रहने की व्यवस्था नहीं थी|इस भारतवर्ष में गिट्टी से मिट्टी तक तोड़ने वाला समाज,सुई से लेकर हवाई जहाज तक बनाने वाला समाज,खेत खलिहान में काम करने वाला समाज और चाहे माघ की ठिठुरती ठंडक हो,जेठ की तपती दोपहरी हो,सावन की झमझमाती बरसात हो,हर समय में काम करने का कार्य करता है लेकिन ऐसे समाज के लोगों को इस मुल्क में गैर बराबरी की निगाह से देखने का काम किया जाता है|बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर जी को जब संविधान लिखने का मौका मिला तो बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने हर समाज के साथ-साथ गरीबों,मजदूरों,दलितों,शोषितो, पिछड़ों,अकलियतो व हर समाज के लिए बराबर का दर्जा देने का काम किया और जिस दिन 26 जनवरी 1950 को इस मुल्क में बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने संविधान दिया था उस दिन बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने खिलखिला कर हंस पड़े थे कि जिस समाज के लोगों को इस मुल्क में जानवर से बद्दतर जिंदगी जीने को मजबूर किया गया,ऐसे समाज के लोगों को भी मैंने वो अधिकार दे दिया कि वो समाज की अग्रणी भूमिका अदा करके अपने जीवन का निर्वाहन करने का काम कर सके|लेकिन वह 26 जनवरी 1950 की बात थी,बाबा साहब डॉ०अंबेडकर सोचते थे कि जब संविधान लागू हो जायेगा हमारा देश आजाद हो जाएगा, सभी लोग बैठे हैं आप लोगों ने देखा कि जब यह देश अंग्रेजों के हाथ में गुलाम था तब उस समय इस देश को आजाद कराने के लिए केवल एक जाति एक वर्ग के लोग ही नहीं बल्कि हर समाज के लोगों ने भारत देश को आजाद करने के लिए अंग्रेजों से लड़ने का काम किया था और यहां तक हमारी धरती पर पैदा हुई हमारी मां बहने भी चाहे झलकारी बाई लक्ष्मीबाई हो जैसी तमाम बेटियों ने हाथ की चूड़ियां फोड़कर करके हाथ में तीर तलवार और बंदूक उठाकर के अंग्रेजों को सात समंदर के खदेड़ कर ही दम लेने का काम किया था|राजनैतिक सत्ता वो मास्टर चाभी है जिससे हर बंद ताले खोले जा सकतें है|आप सभी लोगों को संघर्ष करते रहना चाहिए कामयाबी अवश्य मिलती रहेंगी|सभी लोगों का आभार व्यक्त करता हूं|इस दौरान राष्ट्रीय सचिव रेवती रमण,अजीमुद्दीन,हेमराज मिश्र,गजानन तिवारी,वशिष्ठ शुक्ला,चंद्रमौल,जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर वर्मा,ओंकार नाथ सिंह,वैभव आनंद पांडे,अमरेंद्र प्रताप सिंह,रजिया खातून,नवदिता शर्मा,सपा नेता रामचंद्र वर्मा,रामप्यारे निषाद,राजेंद्र कुमार वर्मा,आशाराम त्यागी,कृष्ण कुमार पाण्डेय,रमेशचंद्र गौतम,वी के सिंह,अजय गौतम एडवोकेट,अखिलेश यादव पपलू,मायाराम गौतम,विंध्याचल प्रजापति,गुरुदेव गौतम,पतिराम गौतम,रिंकू पाण्डेय,संजय गौतम,रवि गौतम,शिवशंकर निषाद,जितेन्द्र गौतम,राकेश पाल,हरीराम बौद्ध आदि मौजूद रहे|