
“शहर में बने सामुदायिक शौचालयों में लटक रहे ताले” ,
एटा: शहर के अंदर तैयार कराए गए सामुदायिक शौचालयों में कई जगहों पर ताले लटक रहे हैं। प्रसाधन केंद्र न खुलने के कारण लोगों को खुले में ही लघुशंका और शौच के लिए भागना पड़ता है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण शासन से खर्च हुई धनराशि का लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद भी सामुदायिक शौचालय नहीं खुल सके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन से शहर के अंदर मोटी रकम खर्च करके सामुदायिक शौचालय तैयार कराए गए हैं। इससे लोगों को खुले में शौच करने से निजात मिल सके, मगर अधिकारियों की अनदेखी के कारण लोगों को शौचालयों की सहूलियत नहीं मिल पा रही। शहर के जीटी रोड स्थित शहीद पार्क में लोगों को सुविधा मुहैया कराने के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया, मगर उसमें ताले लगे रहते हैं। ऐसे में सुबह और शाम टहलने के लिए आने वाले महिला, पुरूष एवं बच्चों को लघुशंका या फिर शौच के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। इतना ही नहीं दूरदराज जाने से बचने के लिए लोग पार्क के गेट समीप ही खुले में लघुशंका करते हैं। इससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा कलक्ट्रेट धरना स्थल पर भी बने सार्वजनिक शौचालय में ताले लटक रहे हैं। इसे लेकर धरना प्रदर्शन करने वालों के साथ ही आस पास के व्यक्तियों को परेशानी होती है। लोगों को प्रसाधन केंद्र का सहारा लेने के लिए बस स्टैंड या फिर दूर के स्थानों पर जाने पड़ता है। इसके लिए उन्हें किराया सहित अन्य खर्च उठाना पड़ता है। लोग जिम्मेदार अधिकारियों को कोसते हुए दिखाई देते हैं। कुछ जगहों पर तैनात कर्मचारियों की मनमानी के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं नगर पालिका ईओ डा. दीप कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि अधिकांश शौचालयों पर कर्मचारी को तैनात किया गया है। इसके बाद भी ताले लगे रहते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। शौचालय में ताले लटकने के कारण दूरदराज जाना पड़ता है। इसे लेकर काफी परेशानी होती। सामुदायिक शौचालय चालू होने से काफी राहत मिलेगी।