नकली मोबिल ऑयल का कारोबार करने वाले दो गैंगस्टर पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, 3.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Agra: नकली मोबिल ऑयल का कारोबार करने वाले दो गैंगस्टर पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, 3.5 करोड़ की संपत्ति कुर्क

नकली मोबिल ऑयल के अवैध धंधे से थाना छत्ता क्षेत्र की गली हकीमान निवासी सारिक अहमद और उसके भाई सनी अहमद ने करोड़ों की संपत्ति बना ली। पुलिस ने दोनों को जेल भी भेजा, लेकिन उन्होंने यह धंधा बंद नहीं किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना छत्ता में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति को चिह्नित किया। जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार को दो मकान सहित 12 वाहन, बैंक खाते, घरेलू सामान को कुर्क कर दिया गया। इसकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये है।

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि सारिक और सनी नकली मोबिल ऑयल को ब्रांडेड कंपनी के डिब्बों में भरकर बेचने का काम करते थे। यह आगरा सहित आसपास के जिलों में भी भेजा जाता था। वर्ष 2021 में दोनों पकड़े गए थे। थाना छत्ता में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा लिखा गया। सारिक के खिलाफ पांच और सनी के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। दोनों की संपत्ति को चिह्नित करने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई थी। उनकी संपत्ति को गैंगस्टर की धारा 14 (1) के तहत कुर्क किया गया है।

अपराध से संपत्ति अर्जित की तो ऐसे ही होगी कार्रवाई
शुक्रवार को सुबह 11 बजे एसपी सिटी और एसीएम द्वितीय कृष्णनंद तिवारी सर्किल की फोर्स के साथ पहुंच गए। इस दौरान पुलिस के साथ ढोल भी थे। एसपी सिटी ने माइक से कहा कि सुनिए…सुनिए, आप सभी को सूचित किया जाता है कि सनी अपराधी किस्म का व्यक्ति है। इस पर वर्ष 2011 से अब तक नौ मुकदमे दर्ज हैं। यह मोबिल आयल का अवैध कारोबार करता था। इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उसके तीन मंजिला मकान पर ताला लगाया जा रहा है। इसे कोई व्यक्ति बिना जिलाधिकारी के आदेश के खोलेगा नहीं। अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है। इसके भाई सारिक की संपत्ति को भी कुर्क कर दिया गया है। आपको सूचित किया जाता है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अगर अपराध से संपत्ति का अर्जन करेगा तो उसके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाती रहेगी। आप लोगों से अपेक्षा की जाती है कि आप कानून का पालन करेंगे, अच्छे नागरिक बनेंगे।
सनी की यह संपत्ति हुई जब्त

  • एक मकान (अनुमानित कीमत एक करोड़, इसकी मरम्मत में 20 लाख रुपये खर्च हुए)
  • बाइक (कीमत 1.45 लाख)
  • दो कार (24.58 लाख)
  • एक स्कूटर (95 हजार)
  • घरेलू सामान (25 लाख रुपये)
  • बैंक खातों में जमा धन (4.83 लाख रुपये)

सारिक की यह संपत्ति हुई जब्त

  • एक मकान (अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये, मरम्मत पर 25 लाख रुपये खर्च हुए)
  • पांच स्कूटर (4.43 लाख रुपये)
  • दो कार (26.52 लाख)
  • एक टेंपो (3.30 लाख रुपये)
  • घरेलू सामान (15 लाख रुपये)

कई और पर कार्रवाई की तैयारी
माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सारिक और सनी नकली मोबिल ऑयल का अवैध कारोबार करते थे। इस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कई और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हैं। इसमें खनन, सट्टा करने वाले भी शािमल हैं। उनको चिह्नित कर लिया गया है। – सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी

नहीं बंद किया अवैध धंधा
थाना प्रभारी निरीक्षक छत्ता शेर सिंह ने बताया कि सनी अहमद कुरैशी पर पहला मुकदमा वर्ष 2011 में लिखा गया था। इसमें धोखाधड़ी सहित अन्य धाराएं थीं। वह तब से नकली मोबिल ऑयल का अवैध कारोबार कर रहा है। इसके बाद उसके खिलाफ वर्ष 2017 में तीन, वर्ष 2019 में एक, वर्ष 2020 में दो, 2021 में एक और वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं सारिक कुरैशी पर वर्ष 2010 में पहला मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2021 में चार मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें गैंगस्टर का भी मुकरमा है। दोनों आरोपी जेल भी भेजे गए, लेकिन उन्होंने अवैध धंधा बंद नहीं किया।

पूर्वांचल तक फैला रखा है नकली का जाल
छत्ता का जीन खाना मोहल्ला नकली मोबिल ऑयल के अवैध कारोबार के लिए वर्षों से जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, सनी, सारिक ही नहीं, 200 से अधिक लोग इस कारोबार से जुड़े थे। नकली मोबिल ऑयल ही नहीं यहां डिब्बे और रैपर तक बनाए जाते थे। यहां के धंधेबाजों ने ताजगंज, एत्माद्दौला में अपने कारखाने खोल रखे थे। इस धंधे को लोग डी कंपनी से जानते थे। डी का मतलब डुप्लीकेट होता है। यहां से माल वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के जिलों में सप्लाई होता था। यह लोग वाहनों से निकलने वाले खराब इंजन आयल को इकट्ठा करते हैं। उसे साफ कर कंपनी के डिब्बे बनाकर भरकर बाजार में बेच देते हैं। इससे दुकानदार अच्छा मुनाफा कमाते हैं। वर्ष 2020 में पुलिस ने छापेमारी की थी। थाना एत्माद्दौला, खंदौली, छत्ता, ताजगंज इलाकों में कारखाने पकड़े गए थे। 50 से ज्यादा आरोपी बनाए गए थे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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