
बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया में परीक्षा लीक मामले में गिरफ्तार का जेल भेजे के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ ब्रजेश मिश्र की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.डीआईओएस डॉ ब्रजेश मिश्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है. विजिलेंस ने बोर्ड से डॉक्टर मिश्र के बारे में कई सूचनाएं मांगी है. इन सूचनाओं के आधार पर वेतन वितरण आचरण नियमावली आधार कार्ड आदि जांच की जा रही है. बता दें कि इस पेपर लीक के बाद डॉ ब्रजेश मिश्र करीब 1 महीने तक जेल में रहे थे. फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं.
इस संबंध में एसपी विजिलेंस डॉ. अरविंद चतुर्वेदी का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP के निदेशक को एक पत्र भेजा गया है. जिसमें बताया गया है कि पूर्वी डीआईएस द्वारा नियुक्ति के समय दिए गए संपत्ति को ध्यान में रखकर उनकी मौजूदा संपत्तियों की जांच की जा रही है. इसके अलावा वेतन वितरण, आचरण नियमावली तथा अपील नियमावली, पैन कार्ड और आधार कार्ड आदि की भी जांच की जा रही है. बलिया कार्यालय जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा गया है.सूत्रों की मानें तो बता प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने भी इस मामले में डीआईओएस कार्यालय से कुछ दस्तावेज की मांग की है. बता दें कि गत 30 मार्च यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान इंटरमीडिएट का अंग्रेजी विषय का पर्चा लीक हो गया था. इस मामले में तत्कालीन डीआईओएस डॉ. बृजेश मिश्र समेत कुल 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. करीब 1 माह तक आजमगढ़ जेल में बंद रहने के एक माह बाद उन्हें जमानत मिल गई है. प्रभारी डीआईओएस बलिया अतुल तिवारी का कहना है कि विजिलेंस की की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराया जा रहा है.