
!!.विश्व में भगवान गणेश का पिपरिया के जंगलों में बिराजे, बढ़ रहा आकर: संतान सुख से अभी तक वंचित एक बार आश्रम बनखेड़ी बचवानी पहुंच कर करे स्पर्श.!!
हमारे देश में ऐसे बहुत से मंदिर हैं जिनसे जुड़े हुए कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनके बारे में अगर कोई सुनता है तो पहले तो विश्वास नहीं करता और जब होता है लोगों को आश्चर्य की कोई सीमा नहीं रहती है। जी हां, आप सही समझ रहे हैं हम आज आपको एक देश में स्थित एक ऐसे ही धार्मिक स्थल के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा स्थापित हैं l जिसका हर वर्ष एक तिल के समान आकार बढ़ रहा है। हम जानते हैं आपको यकीनन इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा होगा इसीलिए हम आपके लिए लाएं हैं, इस मंदिर से जुड़ी संपूर्ण जानकारी। बता दें हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश पिपरिया के बनखेड़ी बचवानी में स्थित गणेश मंदिर की, जहां तिल के समान बप्पा की मूर्ति बड़ी होती है। जिस कारण ये प्रतिमा देशभर में प्रसिद्ध है। यहां की सबसे प्रसिद्ध मान्यता है कि जो भी दंपत्ति को संतान का सुख नहीं मिलता, अगर वो यहां आकर गणपति के दर्शन करती है तो उन्हें संतान अवश्य प्रप्त होती है। कहा जाता है यहां आने वाली अकिसी भी महिला की गोद सूनी नहीं रहती। इस प्राचीन मंदिर का बड़ा ही महत्व है। यहां जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी खास मौके पर गणेश जी की कहा प्रतिमा का कद तिल के समान बढ़ता है l सुबह से देर रात तक बप्पा के दर्शनों के लिए यहां भक्तों की लंबी कतारें लगी दिखाई पड़ती है।
पूरी होती हैं मन्नतें
माना जाता है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी के चलते मंदिर में मनोकामना मांगते समय मंदिर की पिछली दीवार पर महिलाएं गोबर के हाथ लगाती नज़र आती हैं एवं पुरुष गोबर से ॐ लिखते दिखाई देते हैं।