
जेल को बनाएंगे सुधार गृह-रघुनन्दन
जेल में बही काव्य रसधार
बंदियों को सुनाए राष्ट्र चेतना के स्वर
कासगंज,
क्रिसमस त्यौहार व भारत रत्न स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर पचनाला स्थिति जनपद कारागार में कैदियों को राष्ट्रीय चेतना के स्वर सुना कर क़ौमी एकता व राष्ट्रीय एकता व अखंडता का संदेश जारी किया गया। समाज सेवी डा.प्रदीप रघुनन्दन के संयोजन में आयोजित कवि सम्मेलन की अध्यक्षता जेलर ए एन सिंह ने की। मुख्य अथितियों ने माँ शारदा के चित्र पर दीपक जला व माला पहिनायी।कार्यक्रम का सफल संचालन हास्य कवि निर्मल सक्सेना ने किया।

एटा से पधारे कवि राकेश मधुकर ने माँ सरस्वती को नमन करते हुये कहा-
माँ वाणी मुझको ऐसा वर दे।
काव्यांजलि अंजुलि में भर दे।।
सोरों से पधारे गीतकार मनोज मधुवन ने सस्वर काव्य पाठ करते हुए कहा-
सलीके से हवाओं में जो खुशबू घोल देते हैं।
हुनर रखते हैं ऐसा बोल मीठे बोल देते हैं।।
पटियाली के कवि शरद लंकेश ने हालात पर प्रहार करते हुए कहा-
बा कोई झोपड़ी में घर सयानी हो गई।
गाँव भर के मनचलों की राजधानी हो गई।।
डा.शैलजा दुबे ने कहा-
बरबस आंखों से सपनों की दुनिया चाहें रहा है।
उड़ने वाला व्याल हमारी दुनिया छीन रहा है।।
मनोज मंजुल ने कहा-
हमको उजाला देते देते जो बुझे हैं उन दीपको को की पावन कतारों को नमन है।
मातृ वंदना के गीत गाते गाते चूम लिए फाँसी वाले ऐसे पुष्पहारों को नमन है।।
एटा से पधारे वरिष्ठ कवि राकेश मधुकर ने कहा-
कसम तुम्हे है देशवासियो,हर शहीद हर लाल की।
गद्दारों को सौंप न देना ये सत्ता की पालकी।।
संचालन कर रहे हास्य के जादूगर निर्मल सक्सेना कहते हैं-
लॉकडाउन में विवाह तुमको रचाना होगा।
आँखों आँखों में हनीमून मनाना होगा।।
अलीगढ़ से पधाररे हास्य कवि अभय सिंह अभय कहते हैं-
आरती नारी है हर कोई गाता है।
पुरुष घन्टा है हर कोई बजाता है।। इस अवसर पर जेलर ए एन सिंह,डिप्टी जेलर संदीप भास्कर,के के मौर्या,आमेर खान,एडवोकेट आबिद अली,अमित स्वरूप,मनोज कुमार शर्मा,प्रवीण शर्मा,डा.भास्कर,राकेश साहू,बन्दी उमानन्दन,शिवमंगल सिंह,झब्बू सिंह,श्याम सिंह शाक्य, ठाकुर विवेक सिंह,राहुल कश्यप आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।