
*रेजिडेंट्स की हड़ताल पांचवे दिन भी जारी, सिर्फ ओपीडी बाधित – रिपोर्ट शुभम शर्मा
अलीगढ़ – एएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर्स की हडताल पांचवे दिन भी जारी रही। जूनियर डॉक्टर्स के हडताल पर जाने से कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव पड रहा है। हालांकि अधिकारिक रुप से जूनियर डॉक्टर्स ने सिर्फ ओपीडी से दूर रहने की बात कही है। ट्रामा सेंटर में कई मरीजों को इलाज के अभाव में वापस जाते हुए देखा गया है। जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, हड़ताल जारी रहेगी। बता दें कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जेआर-वन की काउंसिलिंग न होने से वह प्रमोट नहीं हो पा रहे है। उनका कहना है कि 16 से 20 घंटें तक लगातार काम करना पड रहा है। हर वर्ष जेआर-वन के आने के बाद पहला बैच प्रमोट होकर जेआर-टू में चला जाता है। लेकिन इस बार अभी काउंसिलिंग नहीं हुई है। मामले में न्यायालय से स्टे है। जिसमें कई तारीख लग चुकी है। लेकिन निर्णय नहीं आ सका है। इसको लेकर जूनियर डॉक्टर्स नाराज है। उनका कहना है कि वह दिन रात सेवाएं दे रहे है। जो नियम विरुद्ध है। उनको प्रमोट होकर जेआर-टू में जाना है। लेकिन सरकार की लेटलतीफी के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। कहा कि कई कई घंटें काम करना पड रहा है। शनिवार सुबह जेआर-वन डॉक्टर्स के समर्थन में पूरे आरडीए से जुड़े डॉक्टर्स ने स्वास्थ्य सेवाओं का बहिष्कार कर सामुहिक हडताल शुरू कर दी थी। यह हडताल कल भी जारी रही। डॉक्टर्स ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, वह हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। रेजिडेंट्स पहले तो ओपीडी से दूरी बनाकर हडताल में शिामल हुए थे, लेकिन अब इसका प्रभाव ट्रामा सेंटर व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी देखने को मिल रहा है।