विधायक प्रतिनिधि पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए सगी बहनें आत्मदाह करने एसपी के सामने पहुंचीं, मचा हड़कंप

यूपी (कौशाम्बी) : विधायक प्रतिनिधि पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए सगी बहनें आत्मदाह करने एसपी के सामने पहुंचीं, मचा हड़कंप

जिले के दौरे पर पहली बार दौरे पर आए आईजी राकेश सिंह के सामने बुधवार को पुलिस ऑफिस में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। विधायक के कथित प्रतिनिधि की अश्लील हरकतों से परेशान सगी बहनें आईजी से मुलाकात करने पहुंचीं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उनके हाथ में पेट्रोल भरा बोतल भी था। इसके बाद महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद दो महिलाओं को रोकने के लिए महिला थाने की सारी फोर्स बुला ली गई। बाद में दोनों को दौड़ाकर पकड़ा गया। महिला पुलिसकर्मी उन्हें जबरन उठाकर थाने ले गईं।

चरवा कोतवाली इलाके के एक गांव की महिला का कहना है कि खुद को सत्ता पक्ष के विधायक का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने उनका जीना दुश्वार कर दिया है। आते-जाते अक्सर उनके साथ छेड़खानी की जाती है। रास्ते में उनका वीडियो बनाया जाता है। महिलाओं का आरोप है कि चार अक्तूबर को भी आरोपी अपने चचेरे भाई के साथ उसे बाजार में मिला। उस वक्त वह बाजार से दवा और फल लेकर घर लौट रही थी।

दोनों ने उसके साथ अश्लील हरकत की और वीडियो बनाया। विधायक की धौंस देकर कहा कि जहां जाना हो जाओ, कुछ नहीं होगा। मामले की शिकायत चरवा कोतवाली में की गई। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। विधायक से शिकायत की तो उन्होंने दोनों को फटकारने की बात कही। इससे खफा आरोपियों ने दोनों को दुष्कर्म व गोली मरवाने की धमकी दी। 18 अक्तूबर को एसपी से भी शिकायत की गई थी।

इसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार को दोनों बहनें आईजी के आने की खबर सुनकर पेट्रोल लेकर पुलिस ऑफिस पहुंच गईं। वह दफ्तर तक पहुंच भी गईं, लेकिन इस बीच उनके मकसद का पुलिस को अंदाजा लग गया। बाद में महिला थाने की पुलिस ने दोनों को दौड़ाकर पकड़ा और जबरन घसीट कर गाड़ी में डाला। पुलिस ऑफिस से लेकर सड़क तक तमाशा होता रहा, लेकिन अफसर खामोश बैठे रहे।

एक महिला पेट्रोल की बोतल लेकर एकदम एसपी राधेश्याम के पास तक पहुंच गई। संयोग से उसने एसपी से ही पूछ लिया कि कहां है आईजी साहब, उनसे मिलना है। एसपी ने कहा कि साहब मीटिंग में हैं। महिला ने पलटवार करते हुए कहा कि कप्तान साहब से ही मिला दीजिए। उस वक्त एसपी के साथ गार्ड भी नहीं थे। मजबूरी में एसपी को कहना पड़ा कि वह भी साहब के साथ मीटिंग में हैं।

पुलिस ऑफिस का किसी तरह निरीक्षण कराने के बाद अफसरों को अंदेशा था कि कहीं महिलाओं के साथ और भी लोग न हों जो साहब का रास्ता रोक लें। क्योंकि आईजी राकेश सिंह को मंझनपुर कोतवाली का भी निरीक्षण करना था। इस वजह से एसपी दफ्तर से निकलने के बाद उन्हें सलामी दी गई। उनका काफिला कोतवाली की तरफ न जाकर एसपी आवास की तरफ गया।

आगे से गाड़ी यूटर्न होकर कोतवाली पहुंची। हालांकि, महिलाओं का तमाशा सड़क पर चल रहा था। एएसपी के सामने उन्हें घसीटकर गाड़ी में भरा जा रहा था। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। महिलाओं के साथ एक मददगार भी था, उसे भी एएसपी ने गिरफ्तार करवा लिया। साथ ही पुलिस कर्मियों पर जमकर भड़ास निकाली।

आईजी डॉ. राकेश सिंह ने पुलिस ऑफिस के रिसेप्शन काउंटर, आईजीआरएस सेल, मीडिया सेल आदि शाखा का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस ऑफिस स्थित दुर्गा भाभी सभागार में अधिकारी और थाना प्रभारियों के साथ बैठक की। आईजी ने लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाने का निर्देश दिया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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