
सुबह आर्थर रोड जेल में अपने बेटे से मिलकर बाहर निकलते हुए शाहरुख खान की सादगी को देख हतप्रभ रह गया बावजूद इसके यह दौर उस इंसान की ज़िंदगी का सबसे ख़राब चरण है उसके कुछ देर बाद ही NCB रेड करने के लिए SRK के घर पहुंच जाती है।
अब खुल्ला खेल फर्रुखाबादी शुरू हुआ है निशाना कभी भी आर्यन नहीं बल्कि शाहरुख ही थे एक ओर जहां अडानी के पोर्ट पर टनों के हिसाब ड्रग्स बरामद की गई वहाँ कोई जाँच पड़ताल तो छोड़िए हेडलाइन तक नहीं बनी जबकि दूसरी ओर मुंबई में अग़र मीडिया रिपोर्ट्स को ही आधार माने तो एक क्रूज पर तक़रीबन 100 ग्राम मादक प्रदार्थ मिला औऱ उसी क्रूज पर शाहरुख का बेटा आर्यन खान भी था।
NCB ने आर्यन को गिरफ्तार किया जबकि NCB ऑफिशियलस के साथ एक दल के नेता औऱ एक प्राइवेट डिटेक्टिव मौजूद दिखें। यह सब किस ओर इशारा कर रहा है साफ़तौर पर किसी कांस्पिरेसी की ओर इशारा कर रहा है औऱ फिऱ आज की रेड। मुझे बहुत ताज़्जुब ना होगा अग़र SRK को भी गिरफ़्तार कर लिया जाए ताकि एक बड़े राज्य में चुनावों से पहले हेडलाइन औऱ नैरेटिव को मैनेज किया जा सके।
यह बिहार चुनाव से पहले हमने रिया चक्रवर्ती के मामलें में भी देखा है इस बार टारगेट अकेला हेडलाइन मैनेजमेंट नहीं बल्कि लिबरल औऱ सेक्युलर वैल्यूज वाले बॉलीवुड को भी एक स्पष्ठ मैसेज भेजा रहा है। मुख्य लड़ाई स्पेस की है यह लोग अपना एजेंडा जिस तरह थोपना चाह रहे हैं वह बॉलीवुड में चल नहीं पा रहा है सो SRK जैसी हस्ती का शिकार किया जा रहा है ताकि डर बनाया जा सका।
एक बॉलीवुड वो था कि संजू पर AK-47 रखने के आरोप लगे तो बुरा बॉलीवुड उतर गया समर्थन में, सलमान केस में भी मग़र जब SRK के बेटे पर आरोप है औऱ उसको जेल में रखा हुआ बॉलीवुड ने पेनड्राप साइलेन्स मेंटेन किया हुआ है।
ख़ैर इन बातों के इतर एक यशस्वी पिता का यश उसकी औलाद के लिए अभिशाप बन गया है अभी थोड़ी देर पहले यूट्यूब पर SRK का एक पुराना इंटरव्यू देख रहा था उनके साथ काजोल भी थी सम्भवतः किसी फ़िल्म की रिलीज़ से पहले का – SRK उस इंटरव्यू में एक सवाल के जवाब में कहते हैं – अग़र मेरी जान-पहचान का कोई शख़्स, दोस्त, मेरी बीबी या बहन की तरफ़ कोई कार तेजी से बढ़ रही हो तो मैं पूरी कोशिश करूँगा कि उन्हें अपनी ओर खींच लूँ मगर यदि किसी अनियंत्रित कार के सामने मेरे बच्चे हों तो मैं उस कार के सामने कूद जाऊँगा औऱ उसे रोक दूँगा। एक दूसरे इंटरव्यू में SRK कहते हैं मुझें डर है कि कहीं मेरा नाम औऱ स्टारडम मेरे बच्चों के लिए ख़तरा ना हो जाएं।
मैं शाहरुख का कभी प्रसंशक नहीं रहा हूँ मग़र बावजूद इसके उसकी अभिनय की काबिलियत औऱ सँघर्ष को समझता हूँ मुझे मालूम है SRK उसके बच्चों की ओर बढ़ रही इस अनियंत्रित कार को ज़रूर रोकेगा। चुप्पी आम ना हो औऱ हमारी हालत भेड़-दशान ना हो इसलिए मुझे शाहरुख के साथ खड़ा हुआ गिना जाएं।
वह पहले रिया के लिए आए हम चुप रहे चूँकि हम बॉलीवुड का हिस्सा नहीं थे। वह किसानों के लिए आए हम चुप रहे चूँकि हम किसान नहीं थे। अब SRK के लिए आए इस बार हम बोलेंगे
Enough is enough. वापस जाओ.