महिला जिला अस्पताल में मरीज से अवैध कमाई के बटवारे को लेकर हुआ विवाद
एटा समाचार
स्वास्थ्य विभाग में मरीजो से अवैध कमाई इकट्ठा करने की होड़ सी लगी हुई है ।
जैसे महिला जिला अस्पताल में प्रसूता महिला के परिजन लेकर जिला अस्पताल महिला में प्रसव के लिये लेकर आते है कि सरकारी है वहाँ रुपए नही लगेंगे मगर ऐसा नही है यहाँ वो कहावत है कि वूडा मरे चाहे जवान हमे हत्या से काम ऐसा ही महिला जिला अस्पताल में चल रहा है मरीज चाहे कितना ही गरीव क्यो नहो यहां अस्पताल में डियूटी पर तैनात आया उस प्रसूता महिला के परिजनों से विना लिए मरीज से हाथ तक नही लगती अगर आप बहस करते हो और कुछ नही देते हो तो सीरियश मरीज वता कर वाहर प्राइवेट लेजाने की सलाह देते उन्हें देर नही लगती अगर आप सेवा शुल्क देते है तो आप का केश नॉर्मल ही महिला जिला अस्पताल में ही निपट जाएगा । सूत्रों से मिली जानकारी से आज चार पांच दिन पहले एक प्रसब के लिये एक केश महिला जिला अस्पताल में आया जिसपर डियूटी पर आया से प्रसूता महिला के पति से पांच सौ रुपये लिये और महिला को प्रसव के लिए भर्ती करलिया गया फिर प्रसूता के पति से दोसो रुपए फिर मागे गए तव प्रसव कराने आई महिला के पति ने रुपए देने से मना कर दिया तो उस प्रसूता महिला को सिरियश केश बता कर उसे वाहर प्राइवेट अस्पताल में लेजाने की सलाह देने में कोई कोताही नही वर्ती फिर प्रसूता महिला के पति एक दम घबरा गया और प्राइवेट अस्पताल ले गया जहाँ उस महिला का प्रसव विल्किल नार्मल हो गया । यह है महिला जिला अस्पताल के स्टाफ की काली करतूत ।
इसी अवैध कमाई को लेकर आज महिला जिला अस्पताल के स्टाफ में झगड़ा तक होने लगा ।
आखिर जो अधिकारी निरीक्षण करने आते है वो केवल अपनी खाना पूर्ति करके चले जाते । इस लिए महिला जिला अस्पताल के स्टाफ के हौसले चौथे आसमान पर है क्यो कि सब जानते है कि यह सब अवैध कमाई ऊपर तक जाती है इस लिये इन पर कोई कार्य वही नही होती है सूत्र ने यह तक वताया कि अपना नाम न लिखने की शर्त पर वताया कि प्रसव कक्ष में कई आया प्रसूता महिला के प्रसब के दौरान बड़ी वे रहमी से मरती पीटती तक है क्या यह सही है प्रसूता को प्रसव के दौरान पीटा जाए एक तो महिला प्रसव पीड़ा से परेशान होती है उधर आया उसी महिला को प्रताड़ित करती है आखिर उस प्रसव कराने आई महिला के पर क्या गुजरती है एक तो वो अपने दर्द से परेशान उधर आया द्वारा महिला को पीटना यह अन्याय की श्रेणी में आता है इस पर उच्च अधिकारियों को संज्ञान अवश्य लेना चाहिए ।
महिला जिला अस्पताल की शेष खवर आगे प्रकाशित की जाएगी
