
मनी प्लांट लगाने के नियम: जानिए वास्तु क्या कहता है
जनमानस में ऐसी मान्यता है कि घर में मनी प्लांट लगाने पर सुख-समृद्धि में होने के साथ धन का आगमन बढ़ता है। इसी के चलते लोग अपने घरों में यह पौधा लगाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार मनी प्लांट का पौधा घर में उचित दिशा में नहीं लगाया गया है तो आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
- वास्तु शास्त्रियों का मानना है कि मनी प्लांट के पौधे के घर में लगाने के लिए आग्नेय दिशा सबसे उचित दिशा है। इस दिशा में यह पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का भी लाभ मिलता है।
- मनी प्लांट को आग्नेय यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाने का कारण यह है कि इस दिशा के देवता गणेश जी हैं जबकि प्रतिनिधि शुक्र हैं।
- गणेश जी अमंगल का नाश करने वाले हैं जबकि शुक्र सुख-समृद्धि लाने वाले। यही नहीं, बल्कि बेल और लता का कारण शुक्र ग्रह को माना गया है। इसलिए मनी प्लांट को आग्नेय दिशा में लगाना उचित माना गया है।
- मनी प्लांट को कभी भी ईशान यानी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं लगाना चाहिए।
- यह दिशा इसके लिए सबसे नकारात्मक मानी गई है, क्योंकि ईशान दिशा का प्रतिनिधि देवगुरु बृहस्पति माना गया है और शुक्र तथा बृहस्पति में शत्रुवत संबंध होता है। इसलिए शुक्र से संबंधित यह पौधा ईशान दिशा में होने पर नुकसान होता है। हालांकि इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाया जा सकता है।
- कहा जाता है मनी प्लांट की जमीन छूती पत्तियों से सुख-समृद्धि में रुकावट आती है और यह सफलता में भी बाधक है। यदि ऐसा हो तो उसे किसी का सहारा देखकर ऊपर की ओर चढ़ाएं।
- मनी प्लांट की पत्तियां अगर सूखने लगें तो उसे तुरंत ही हटा दें।
गलत दिशा में लगा मनी प्लांट आपको आर्थिक नुकसान भी पहुंचा सकता है यानी आपको धन हानि, नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है।
एस्ट्रोलॉजर डॉ. कृष्ण कांत लवानिया का परिचय-
सिद्धांत ज्योतिष एवं वास्तु केंद्र, शगुन मैरिज ब्यूरो एवं कृष्णा जेम्स एंड ज्वैलरी, जयपुर के संस्थापक डॉ. कृष्ण कांत लवानियां जो कि “राष्ट्रीय पुरोहित एवं वर्तमान विश्व नास्त्रेदमस” उप-नामों से प्रख्यात इंटरनेशनल एस्ट्रोलॉजर (अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 23) एवं साइंटिफिक वास्तु एक्सपर्ट (औरा स्कैनर टूल्स एंड टेक्निक्स साइंटिस्ट) हैं। डॉ. लवानिया जंतु विज्ञान एवं ज्योतिष शास्त्र विषय में पी.एच.डी की डिग्री प्राप्त है। दक्षिण के ब्राह्मणों द्वारा हजारों वर्ष पूर्व स्थापित की गई ज्योतिषीय पीठों में से डॉक्टर लवानिया सौराष्ट्र, कुरुक्षेत्र एवं मदुरै ज्योतिषीय पीठ के अधिपति हैं।
वर्तमान समय में इनके द्वारा विभिन्न संस्थाओं के पद सुशोभित किए जा रहे हैं जिनमें पदाधिकारी- निरंजनी अखाड़ा, उपाध्यक्ष-अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, राष्ट्रीय महासचिव- ब्रह्म समाज एकता समिति, अध्यक्ष- भारतीय विज्ञान कांग्रेस ज्योतिष एवं वास्तु, अध्यक्ष- नास्त्रेदमस इंटरनेशनल फाउंडेशन ऑफ वास्तु एवं ज्योतिष, वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु एक्सपर्ट- गणेशा स्पीक्स (बेजान दारूवाला जी द्वारा स्थापित), प्रचारक- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), राष्ट्रीय प्रचारक- विश्व हिंदू परिषद, स्टार प्रचारक- बजरंग दल, उपाध्यक्ष- यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) एवं इंडियन स्प्रिंट राइडर्स- यूनियन साइकिलिस्ट इंटरनेशनल (UCI) स्विट्जरलैंड आदि है।
डॉ. कृष्णकांत लवानिया अपनी क्षमताओं के अनुसार कई बार सम्मानित हो चुके हैं इनको राज ऋषि अवार्ड, ज्योतिष पीठ शंकराचार्य, ज्योतिषीय रत्न, ज्योतिष भूषण, ज्योतिष वाचस्पति अवार्ड 2009 एवं 2015, बेस्ट एस्ट्रोलॉजर अवार्ड 2011, 2013 एवं 2019, अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष एवं वास्तु प्रज्ञान अवार्ड एवं जंतु विज्ञान विषय में उत्कृष्ट कार्य के लिए साइंटिस्ट ऑफ द ईयर अवार्ड 2015 एवं 2019 आदि से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉक्टर लवानिया एशिया के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषाचार्य स्वर्गीय बेजान दारूवाला जी के प्रमुख शिष्यों में रहे हैं, स्वर्गीय दारूवाला जी के साथ डॉ. लवानिया का ज्योतिषी अनुभव अपने 20 वर्षों के अनुभव में से 12 वर्षों का रहा है, वर्तमान में भी डॉ. लवानिया दारूवाला जी द्वारा स्थापित ज्योतिषीय संस्था गणेशा स्पीक्स के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य हैं। डॉक्टर कृष्ण कांत लवानिया सिद्धांत ज्योतिष एवं वास्तु केंद्र की भारत में लगभग 32 ऑफिसों का संचालन करते हैं इसमें लगभग 5000 ज्योतिषाचार्य इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं।
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