
कोरोना से निपटने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए समितियों के गठन पर मंथन
~जिले के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की हुई पहली बैठक टीकाकरण पर दिया गया जोर~
एटा: नव निवार्चित ग्राम प्रधानों की पहली बैठक ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर हुई। इसमें कोरोना से निपटने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में विभिन्न व्यवस्थाओं संबंधी छह समितियों के गठन पर मंथन किया गया। कुछ जगहों पर सहमति बनने पर समितियों को गठन भी अधिकारियों ने कराया है।
शासन से मिले आदेश पर ग्राम प्रधानों को 25, 26 मई को आनलाइन शपथ ग्रहण कराई गई थी। इसके बाद सरकार ने प्रधानों की पहली बैठक 27 मई को कराना निर्धारित किया था। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने गुरुवार को नव निर्वाचित प्रधानों की पहली बैठक आयोजित करा दी। इसमें खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे। पहली बैठक में मुख्यत: कोरोना संकट काल में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए मंथन किया गया। अधिकारियों ने प्रधानों को बताया कि वे सभी अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण कराएंगे। इससे कोरोना के बढ़ते हुए प्रकोप पर अंकुश लगाया जा सके। ग्राम पंचायत की छह समितियों के गठन पर भी विचार विमर्श किया गया।
जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि कई ग्राम पंचायतों में सहमति होने पर समितियों का गठन भी हो गया है। शेष पंचायतों में जल्द गठन कराया जाएगा। गठित की गई समितियों की पेयजल, शिक्षा, सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्याें की देखरेख करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कोरोना से नौ संक्रमित: स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई कोरोना की जांच में नौ लोग और संक्रमित पाए गए, जिनमें महिला, पुरुष शामिल हैं। तीन लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि शेष होम आइसोलेट किए गए हैं।
कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच कराई गई थी, जिसमें नौ लोगों के पाजिटिव होने की पुष्टि हुई। जो लोग होम आइसोलेट किए गए हैं उनके घरों पर गुरुवार को टीमें पहुंची और चेकिग की। इस दौरान पाजिटिव लोगों के परिवार वालों की भी कोरोना जांच की गई। अधिकांश लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार के लक्षण थे। परिवार वालों को हिदायत दी गई कि होम आइसोलेशन की गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन करें, ताकि कोरोना संक्रमण के शिकार परिवार के अन्य लोग न हो सकें। इस बीच अच्छी बात यह रही कि कोरोना से किसी की भी मौत का आंकड़ा सामने नहीं आया। उधर कोविड अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या अब कम हो रही है। सीएमओ डा. उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि रेंडम तरीके से विभिन्न मुहल्लों में कोरोना की जांच की जा रही है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो।