सहकारिता भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई
SIT ने छह लोगों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

#Lucknow…
सहकारिता भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई
SIT ने छह लोगों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर
◾एसआईटी ने मंगलवार को सपा शासनकाल में वर्ष 2012 से 2017 के बीच सहकारिता विभाग की विभिन्न संस्थाओं में नियम विरुद्ध की गई भर्तियों के मामले में छह एफआईआर दर्ज की है।
जांच की आंच तत्कालीन सहकारिता मंत्री पर आना तय माना जा रहा है।
◾उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लि. की भर्तियों के मामले में दर्ज एफआईआर में एसआईटी ने बैंक प्रबंध समिति के तत्कालीन सभी पदाधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। एफआईआर में इनके नाम नहीं दिए गए हैं, अज्ञात लिखा है।
◾बता दें कि सपा शासनकाल में पीडब्ल्यूडी व सहकारिता मंत्री रहे एक बड़े नेता बैंक प्रबंध समिति के सभापति थे। प्रबंध समिति के निदेशक मंडल में सपा के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
◾वर्ष 2017 में प्रदेश की भाजपा सरकार बनने पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की संस्था सहकार भारती ने सहकारिता की भर्तियों में घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच एसआईटी को सौंपी थी।
◾एसआईटी ने सबसे पहले उ.प्र. को-आपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक के 49 पदों पर भर्तियों में की गई अनियमितताओं का खुलासा किया था। इस मामले में बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आरके सिंह, सेवा मंडल के चेयरमैन रामजतन यादव, सदस्य संतोष कुमार सहित कई अन्य के खिलाफ एसआईटी ने मुकदमा दर्ज किया। एमडी आरके सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पदावनत कर दिया गया था।
◾एसआईटी ने अब उ.प्र. राज्य भंडारागार निगम, यूपी को-आपरेटिव यूनियन, उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लि. प्रादेशिक को-आपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ), उ.प्र. सहकारी संघ और कई जिला सहकारी बैंकों की 2324 पदों पर हुई भर्तियों में बरती गई अनियमितता में आरोपी पाए गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
◾एसआईटी ने इन संस्थाओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास भेजी थी। मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
◾सहकारिता विभाग में भर्तियों के मामले में इसे सबसे बड़े घोटाले के रूप में देखा जा रहा है। नामजद के अलावा एसआईटी ने अपने एफआईआर में सेवा मंडल तथा सहकारिता की संस्थाओं के दर्जनों अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है। तफ्तीश में ये सभी नाम सामने आएंगे।
◾एसआईटी की जांच में सभी भर्तियों में अभ्यर्थियों के ओएमआर सीट में हेराफेरी कर परिणाम बदलने की पुष्टि हुई है। विज्ञापन के बाद अपनों की भर्ती के लिए शैक्षिक अहर्ताएं भी मनमाने तरीके से बदली गईं।
◾सहकारी ग्राम विकास बैंक की भर्ती में वर्ष 1976 की सेवा नियमावली रहते हुए 2013 में फर्जी सेवा नियमावली बनाकर उसके आधार पर भर्तियां की गईं।
◾आरक्षण के नियमों की भी अनदेखी हुई। पहले भर्ती के लिए योग्यता के मानक विज्ञापन में कुछ और थे, जिन्हें चहेतों की भर्तियां करने के लिए बदल दिया गया। यही नहीं, इस बदलाव के लिए पत्रावली पर अनुमति बड़े अधिकारियों और मंत्री के घर पर जाकर ली गई।
एफआईआर में ये किए गए हैं नामजद
????रामजतन यादव, तत्कालीन चेयरमैन सेवा मंडल (छह एफआईआर में नामजद)
????राकेश कुमार मिश्र, तत्कालीन सचिव सेवा मंडल (पांच एफआईआर में नामजद)
????भूपेंद्र कुमार विश्नोई, तत्कालीन सचिव सेवा मंडल, वर्तमान में यूपीसीबी के एमडी
????संतोष श्रीवास्तव, सदस्य सेवा मंडल (पांच एफआईआर में नामजद)
????रामप्रवेश यादव, कंप्यूटर एजेंसी के मालिक (पांच एफआईआर में नामजद)
????नीलम पांडेय, कंप्यूटर एजेंसी (एक एफआईआर में नामजद)
सहकारी ग्राम विकास बैंक के भर्ती घोटाला मामले में नारद यादव सहकारिता विभाग से सेवानिवृत्त अपर निबंधक बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक, सुधीर कुमार सेवानिवृत्त बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक के साथ ही बैंक की पूरी प्रबंध समिति
 • 40 विज्ञापनों के माध्यम से छह संस्थाओं में 2324 पदों पर की गई थी भर्तियां
 • उ.प्र. राज्य भंडारागार निगम में उप प्रबंधक व कनिष्क कार्यालय सहायक के 69 पदों पर 2013 में की गई थी भर्तियां (उस समय सेवा मंडल के चेयरमैन ओंकार यादव थे। सेवानिवृत्ति के बाद इनका कार्यकाल तत्कालीन सरकार ने बढ़ाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर इन्हें हटाया गया था।
 • यूपी को-आपरेटिव यूनियन में कनिष्क सहायक के 303 पदों पर की गई थी भर्ती
 • उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक लि. में असिस्टेंट एकाउंटेंट व सहायक शाखा आंकिक के 1018 पदों पर 2015-16 व 2016-17 में भर्तियां की गई थी। (रामजनत यादव उस समय सेवा मंडल के चेयरमैन थे)
 • पीसीएफ (प्रादेशिक को-आपरेटिव फेडरेशन) में सहायक प्रबंधक व कैशियर के 154 पद पर भर्ती
 • उ.प्र. राज्य सहकारी संघ लि. में सहायक अभियंता के 16 पद तथा उप प्रबंधक के दो पदों पर कुल 18 पदों पर की गई थी भर्ती
 • जिला सहकारी बैंकों में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक, कनिष्क शाखा प्रबंधक तथा कैशियर व टंकण के 762 पदों पर की गई थी भर्तियां

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks