कई अधिवक्ताओं की कोरोना राक्षस द्वारा वलि लिए जाने के उपरांत चौदह दिन तक कलेक्ट्रेट बार ने किया कार्य से विरत रहने का ऐलान , कन्टेनमेन जोन घोषित करने की मांग

एटा ( knls ) जिले में कोविड-19 के तीव्रगति से बढते प्रभाव के चलते मुख्यालय पर दर्जनों अधिवक्तागंण जहां कोरोना महामारी की चपेट में आकर या तो होमआइसोलेट होकर उपचार ले रहे हैं तो वहीं कई अधिवक्ता कोरोना ग्रसित होने के बाद बेहतर उपचार के बाबजूद भी बचाऐ नहीं जा सके हैं ! जिला मुख्यालय स्थिति न्यायालय परिसर में वकालत की प्रैक्टिस करने वाले कई अधिवक्ताओं जैसे ब्रजवासी लाल भगत, विनोद पचौरी, आलोक राजपूत, धर्मानन्द कोशल्यान, योगेन्द्र यादव सहित कई अन्य की कोरोना राक्षस द्वारा बलि लिऐ जाने के उपरांत भी जिला प्रशासन द्वारा कोर्ट परिसर को कन्टेनमेन जोन घोषित न किए जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने आज कोरोना की बलिवेदी पर चढे अधिवक्तागंणो की आत्मा की शांति के लिए कलेक्ट्रेट बार में आयोजित शोकसभा में दो मिनिट का मौन रखकर शोक श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात न्यायालय में चौदह दिवस तक सम्पूर्ण रूप से कार्य से विरत रहने का ऐलान कर दिया ! शोक सभा के पश्चात अधिवक्ता, वादकारियों व न्यायायिक अधिकारियों, कर्मचारियों के मानवीय जीवन मूल्यों को द्रष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट बार के नोटिस बोर्ड पर सामूहिक रूप से लिऐ गए निर्णय को चस्पा करते हुए जिला प्रशासन से कोर्ट परिसर को तुरन्त कन्टेनमेन जोन घोषित करने की मांग की गई है ! ञातव्य हो कि दैनिक स्वराज्य टाइम्स ने अपने मंगलवार के अंक में कोरोना की बलिवेदी पर प्रतिदिन चढ रहे अधिवक्ताओं व कोर्ट परिसर में कार्य करने वाले कुछ अन्य लोगों की असमय मौतों को लेकर वकीलों में उपजे आक्रोश के तहत कोर्ट परिसर को जिला प्रशासन से कन्टेनमेन जोन घोषित करने संबंधी खबर का प्रमुखता से प्रकाशन कर अंजाम देने हेतु सुझाव दिया था ! लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा कन्टेनमेन जोन घोषित करने की कार्यवाही से पूर्व ही खबर का खासा असर अधिवक्ताओं पर पडा तथा कलेक्ट्रेट बार को चौदह दिन के लिए कोर्ट कार्य से विरत रहने का ऐलान करना पड़ा ! रिपोर्ट –.