
जल निगम ने सीवर के नाम पर एम.पी.नगर बनाया नर्क
एटा (knls)। एटा नगर में विगत दो वर्षों से जल निगम ने सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू किया है लेकिन आज तक वह काम समाप्त नहीं कर सका है। इसकी वजह है कि जल निगम में कई वर्षों से अधिशासी अभियंता का कार्य देख रहे जनाब अपने आफिस से बाहर निकल कर देखते ही नहीं हैं कि सीवर का कार्य कहां-कहां और कैसे हो रहा है। निर्धारित कमीशन मिलने के साथ ही ये अधिकारीगण अपना दायित्व पूरा हुआ समझ लेते हैं।
उल्लेखनीय है कि सीवर पाइप डालने के कार्य हेतु 300 करोड़ रूपये खर्च किये जाने हैं लेकिन इतनी बड़ी धनराशि मिलने के बावजूद भी घटिया पाइप और निर्माण सामग्री का उपयोग एटा नगर की जनता की जेब पर डाका डाला जाना ही कहा जायेगा।
महाराणा प्रताप नगर की अनेकों गलियां विगत 2 वर्ष से ही खोदकर डाल दी गईं हैं और कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रीन वैली स्कूल के बगल वाली गली जो काली मंदिर से आने वाले मार्ग को पार कर कटरा मौहल्ला की तरफ जाने वाली गली में मिलती है वह दो वर्ष से अधूरी पड़ी है। कई बार जल निगम के अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन इन निरंकुश अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। जिन गलियों में पानी की एक बूंद तक नहीं ठहरती थी वहां कीचड़ से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है।
पूरे शहर में चर्चा तो यह है कि जल निगम को क्षेत्रीय विधायक का वरद हस्त प्राप्त है इसीलिए वह मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। क्षेत्रीय विधायक को चाहिए कि वे जल निगम के अधिकारियों की नकेल कसकर जनता में फैली भ्रांति को दूर करें।