
रैमडेसीविर खरीदें तो ध्यान से, इंदौर का डॉक्टर यहां बना रहा था नकली इंजेक्शन
इंदौर-कोरोना महामारी के हाहाकार के बीच भी लोग लालच और कालाबाजारी नहीं छोड़ रहे इधर मरीजों को रैमडेसीविर इंजेक्शन मिल नहीं रही, उधर लोगों ने नकली इंजेक्शन बनाना भी शुरू कर दिया
चौंकाने वाले एक मामले में एक ऐसा डॉक्टर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा है जो हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित अपनी कंपनी में नकली रैमडेसीविर इंजेक्शन बना रहा था इसका नाम डॉक्टर विनय त्रिपाठी है आरोपी के पास से 400 नकली वॉयल भी मिले हैं वह पिछले एक साल से कांगड़ा में सूरजपुर स्थित फॉर्मुलेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चला रहा था
पेश नहीं कर सका ठोस दस्तावेज
पुलिस डीआईजी मनीष कपूरिया ने इस कांड का खुलासा किया था उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टॉक किसी व्यक्ति के पास है. वह इंदौर में सप्लाई करने वाला है इस पर टीम ने घेरा डालकर त्रिपाठी को पकड़ा था उसने बताया कि वह ये इंजेक्शन हिमाचल प्रदेश से लाया है वो इसके लिए ठोस दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका था मामले में क्राइम के साथ ड्रग विभाग की टीम भी जांच कर रही है पता चला है कि व्यक्ति फार्मा बिजनेस से जुड़ा है पीथमपुर में उसकी यूनिट भी है