पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर का भाजपा नेतृत्व ने काटा टिकट

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर का भाजपा नेतृत्व ने काटा टिकट

संगीता सेंगर जिला पंचायत सदस्य का फतेपुर चौरासी से भाजपा के टिकट पर लड़ रही थी चुनाव

भाजपा बिधायक रहे कुलदीप सेंगर की पत्नी है संगीता सेंगर

पास्को रेपकांड में कुलदीप सेंगर को हुई है सजा

उन्नाव। जिला पंचायत सदस्य का भाजपा से चुनाव लड़ रही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट कटने से भाजपा का आंतरिक बिरोध मुखर हो गया। वही टिकट कटने से नाराज संगीता सेंगर ने मीडिया से कुछ भी कहने से बचती रही जबकि उनके समर्थकों में काफी आक्रोश है।कार्यकर्ताओ का कहना है कि संगीता सेंगर को निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहिए।
अध्यक्ष के प्रबल दावेदार संगीता सेंगर का टिकट कटने से भाजपा के वरिष्ठ नेता आनन्द अवस्थी का एक तरह से वाकओवर माना जाने लगा हैं।
आपको बताते चले कि भाजपा के बिधायक रहे कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत सदस्य का टिकट भाजपा ने फतेपुर चौरासी से क्षेत्र से दिया था। बिधायक कुलदीप सेंगर को रेपकांड में सजा होने के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो गयी थी वही भाजपा ने उन्हें पहले ही पार्टी की सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इसके बावजूद उनकी पत्नी व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर ने निष्ठा पूर्वक विधानसभा के चुनाव में पार्टी प्रत्यासी श्रीकांत किटियार का समर्थन भी किया। संगीता सेंगर ने विधान सभा बांगरमऊ के उपचुनाव में अपने पति के स्थान पर टिकट की दावेदारी भी की थी परन्तु भाजपा में उन्हें टिकट नही दिया था। इस बार माना जा रहा था कि संगीता सेंगर को उनकी वफादारी का तोहफा जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनको दिया जाएगा। जब भाजपा ने तीसरे चरण के चुनाव की लिस्ट जारी की तो उस लिस्ट में जिले के दिग्गज नामधारी नेताओ के नाम नदारत थे परन्तु पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर का नाम उस लिस्ट में था। तब से यह माना जाने लगा था कि संगीता सेंगर अध्यक्ष के रूप में दावेदार है। वैसे जनपद में जिला पंचायत सदस्य की लिस्ट जारी होने के बाद से एक धड़ा संगीता सेंगर का विरोध कर रहा था। विरोधी गुट भाजपा नेतृत्व को यह समझाने में कही तक सफल रहा कि जिस आरोप के चलते बिधायक कुलदीप सेंगर को भाजपा से निष्काषित किया गया था उनकी पत्नी को टिकट देने से बिरोधियो को यह कहने का मौका मिल गया है कि भाजपा ने सजायाप्ता की पत्नी को टिकट दिया है। इस रणनीति में काफी हदतक सफल रहे भाजपाइयों को उस समय सफलता मिल गयी जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कानपुर में समीक्षा बैठक में संगीता सेंगर के टिकट काटे जाने की घोषणा कर दी। इस घोषणा से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे आनन्द अवस्थी को भाजपा से अध्यक्ष की कुर्सी पर एक तरह से वाकओवर माना जाने लगा है। आज नही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेंगर के टिकट कटने से कार्यकर्ताओ में नाराजगी थी वही उनके भविष्य को लेकर पूरे दिन कयासों का दौर जारी रहा। कुछ लोग संगीता सेंगर के टिकट कटने से भाजपा में सांसद साक्षी महाराज की पकड़ को ढीला माना जा रहा है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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