
कोरोना वायरस की दूसरी लहर को देखते हुए आगरा में शनिवार रात 10 बजे से नाइट कर्फ्यू लागू किया जाएगा। जिले में 486 सक्रिय मरीज हैं। शुक्रवार को संख्या 500 से ऊपर पहुंच सकती है। इसके बाद नाइट कर्फ्यू लागू हो जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि नाइट कर्फ्यू में कोई नई पाबंदियां नहीं लगाई हैं, लेकिन रात 10 से सुबह 6 बजे तक आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान यदि कोई बाहर घूमता मिला तो 500 रुपये जुर्माना लगेगा।
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बृहस्पतिवार शाम को सीएमओ और एसएसपी के साथ बैठक के बाद बताया कि शनिवार रात से रात्रि कर्फ्यू लागू होगा। इसमें प्रमुख चौराहों पर पुलिस बैरिकेडिंग करेगी। रात में बाजारों में गश्त होगी। रात्रि कर्फ्यू की मियाद व अन्य तैयारियों पर शुक्रवार को बैठक होगी। नगर निगम स्थित स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।
रात्रि कर्फ्यू से ग्रामीण क्षेत्रों में छूट रहेगी। वहां सख्ती नहीं होगी। सख्ती सिर्फ शहरी क्षेत्रों में की जाएगी। इसके लिए बाजार व अन्य संगठनों के साथ शुक्रवार को जिला प्रशासन बैठक करेगा।
रात में ये सेवाएं रहेंगी बहाल
- बीमार लोग अस्पताल जा सकेंगे।
- पेट्रोल पंप, दवाई स्टोर बंद नहीं होंगे।
- आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हो सकेगी।
- माल वाहक गाड़ियों का आवागमन प्रभावित नहीं होगा।
- रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर टिकट दिखाकर जा सकेंगे। सवालः दिन में भीड़ तो रात के सन्नाटे में सख्ती क्यों
दिन में सड़कों और बाजारों में कोविड प्रोटोकॉल का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। कोई दो गज की दूरी बरत रहा है न मास्क लगा रहा है। इन पर कार्रवाई के बजाय रात्रि कर्फ्यू के प्रशासन के फैसले पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। शहर के लोगों का मानना है कि रात दस बजे तो शहर के बाजार बंद हो ही जाते हैं। भीड़ पर सख्ती की जगह रात्रि कर्फ्यू की कार्रवाई मात्र दिखावा है।
‘ दिन में सख्ती तो बरतें’
हिंदुस्तानी विरादरी संस्था के अध्यक्ष व भारत सरकार द्वारा कबीर पुरुस्कार से सम्मानित डॉ सिराज क़ुरैशी ने कहा कि दिन में कर्फ्यू न लगाएं पर कम से कम सख्ती तो बरतें। खुद अफसर ही मास्क लगाए बिना घूम रहे हैं। रात में कर्फ्यू से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दिन में बाजारों में भीड़ बेकाबू है।