
अबकी बार पंचायत चुनाव खर्चा का ब्योरा देने में चकराएंगे प्रत्याशी
~लोस विस चुनाव की तरह देना होगा विवरण बैंक में अलग से खुलवाना होगा खाता~
एटा: इस बार लोकसभा और विधानसभा की तरह ही प्रधान, जिला पंचायत, क्षेत्र और पंचायत ग्राम पंचायत सदस्य पदों के प्रत्याशियों से चुनाव खर्च का ब्योरा लिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग बैंक खाता भी खुलवाना होगा।
पिछली बार तक पंचायत चुनावों में चुनाव खर्च को लेकर कोई बहुत अधिक पड़ताल और औपचारिकताएं नहीं होती थीं। न तो अलग से बैंक खाता खोले जाते और न ही ब्योरा देने के लिए कोई खास प्रारूप ही हुआ करते थे। इस बार आयोग ने व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। चारों तरह के पदों के प्रत्याशियों को अपना एक अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें से ही चुनाव खर्च किया जाएगा। प्रशासन हर प्रत्याशी को एक रजिस्टर उपलब्ध कराएगा। इसमें निर्धारित प्रारूप पर उन्हें खर्च का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ जमानत जब्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश हैं।
यह है खर्च सीमा और जमानत राशि (रुपये में)
पद-खर्च सीमा-जमानत राशि
सदस्य ग्राम पंचायत-10 हजार-500
प्रधान ग्राम पंचायत-75 हजार-2000
सदस्य क्षेत्र पंचायत-75 हजार-2000
सदस्य जिला पंचायत-1.50 लाख-4000
(नोट: अनु. जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा महिला वर्ग के प्रत्याशियों की जमानत राशि आधी रहेगी।) इस चुनाव में पहली बार प्रत्याशियों द्वारा अलग खाता खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके संबंध में नामांकन के समय उन्हें जानकारी दे दी जाएगी। निर्धारित प्रारूप पर खर्च का विवरण न देने वाले प्रत्याशियों की जमानत धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
- केशव कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी आज जारी होगी आरक्षण सूची, बदलाव के आसार कम: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण सूची आज 26 मार्च को जारी होगी। इसके लिए देर शाम तक अधिकारी दावे आपत्ति निस्तारण में जुटे रहे।
हाईकोर्ट के आदेश पर 20 मार्च को आरक्षण सूची जारी की गई थी। इसी दिन से आरक्षण पर आपत्ति भी मांगी गई थीं। तीन दिन तक चला दावे आपत्ति के दौरान साढ़े चार सौ से अधिक लोगों ने शिकायत की थी। दाखिल की गई आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए देर शाम तक अधिकारी जुटे रहे है। बता दें कि शासन के आदेश पर जिले में पहले आरक्षण की सूची 2 मार्च को जारी की गई थी। जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर हुई थी। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए वर्ष 2015 को आधार मानते हुए आरक्षण जारी करने का आदेश दिया था। जिसे लेकर 20 मार्च को आरक्षण सूची जारी हुई थी। जिसमें काफी जगहों पर बदलाव हुआ था। जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि सभी आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करते हुए आरक्षण सूची जारी की जाएगी।