ग्राम पंचायत चुनाव : लोन चुकाए बिना नामांकन पत्र नहीं भर सकेंगे प्रत्याशी

ग्राम पंचायत चुनाव : लोन चुकाए बिना नामांकन पत्र नहीं भर सकेंगे प्रत्याशी

लखनऊ।।ग्राम पंचायत चुनाव में प्रत्याशी बिना बैंक और सहकारी समितियों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लिए नामांकन नहीं कर सकेंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व यशवर्धन श्रीवास्तव ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी लोगों की सूची बनाएं जो सम्भावित प्रत्याशी हैं। ताकि, इसका ध्यान रखा जा सके कि कोई भी प्रत्याशी बिना नो ड्यूज के नामांकन न कर सके।
त्रिस्तरीय गांव पंचायत के चुनावों की घोषणा कभी भी हो सकती है। ऐसे में प्रत्याशी जहां तैयारियों में जुटे हुए हैं तो वहीं जिला स्तर से भी तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन उन संभावित प्रत्याशियों को चिन्हित करने में जुट गया है, जिन पर बैंकों, सहकारी समितियों का बकाया है। जो बाकीदार, वारिसान, सहभागीदार, पैक्स डीसीबी, एलडीबी का बकाया जमा नहीं करेंगे, उसे पंचायत चुनाव में नामांकन नहीं करने दिया जाएगा। एडीएम वित्त ने अपर जिला सहकारी अधिकारी, तहसील प्रभारी, एवं विकास खंडों में कार्यरत सहायक विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह सहकारी बकाएदारों से वसूली के लिए क्षेत्रों में भ्रमण करें व उनसे तगादा करें। साथ ही क्षेत्रों में इसका प्रचार-प्रसार किया जाए कि जो भी बकाया भुगतान नहीं करेगा, उसे पंचायत चुनाव में नामांकन नहीं करने दिया जाएगा।
नामांकन के लिए नो ड्यूज सार्टिफिकेट होना जरूरी : ग्राम पंचायत पदों की आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। इस सूची जारी होने के बाद ग्राम पंचायतों में उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं। कई उम्मीदवार अब नामांकन की तैयारी में जुट गए है। पंचायत चुनावों में ग्राम पंचयातों से नो ड्यूज जरूरी है। इसके लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय एक शपथ पत्र भी देना होगा। उसी शपथ पत्र के आधार पर प्रशासन की टीम उम्मीदवार की जांच करेंगी। यदि किसी उम्मीदवार का नाम किसी बकायदारी की सूची में शामिल पाया गया तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।

एक सप्ताह में तैयार होगी सभी की सूची
एडीएम प्रशासन ने बताया कि सभी बैंक व सहकारी समितियों के अधिकारियों को एक सप्ताह में उन सभी बकायेदारों की सूची तैयार करनी होगी। उसके बाद इन बकायेदारों पर वसूली के लिए दबाव बनाया जाएगा। इनकी सूचना भी पंचायत कार्यालयों को भेजी जाएगी, ताकि इनमें से कोई भी व्यक्ति पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करता है तो उसके पहले ही रोक लिया जाए। बकाया वसूली के बाद ही उसे नामांकन पत्र दाखिल करने की इजाजत दी जाएगी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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