
एटा नगरपालिका शर्म करो शर्म करो
या फिर इसी पानी में डूब मरो डूब मरो
एटा में भ्रष्टाचार को विकास कहा जाता है
और उसी भ्रष्टाचार की आंधी को हमारे लोग विकास की आंधी कहते हैं
पहली पंचवर्षीय में विकास की आंधी देखने के बाद
दूसरी पंचवर्षीय की शरुआत में ही एटा विकास के सैलाब में डूबक मारने को विवश है।
मेरा अनुमान है दूसरी पंचवर्षीय खत्म होते होते हम विकास की सुनामी भी देखेंगें।
गौर से देखो इन तस्वीरों को इस विकास ने यही भविष्य दिया है तुम्हारे बच्चों को।
नोट-बिना वारिश के फरवरी महीने में एटा के लोग ऐसी स्थिति में रहने को विवश हैं ये फोटो नगला पोता चौक के बराबर एक गली का है।