कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार रोचक पहलू सामने आ रहे हैं,रिपोर्ट निशाकांत शर्मा

एटा।कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार रोचक पहलू सामने आ रहे हैं हालांकि चुनाव अधिकारियों ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी प्रत्याशी दावते नहीं करेगा शराब नहीं पिलायेगा तथा अन्य किसी प्रकार का प्रलोभन नहीं देगा लेकिन चोरी सुबह नहीं अब खुल्लम खुल्लम तौर पर सुरासुंदरी और रोटी और रोटी का प्रलोभन देकर प्रत्याशी अपने समर्थकों को लुभाने का पूरा पूरा प्रयास कर रहे हैं अपने आप को सबसे ज्यादा दमदार कहे जाने वाले प्रत्याशी ने आज एक होटल में अपने समर्थकों को जहां एक और खुलकर मद्रासी वहीं दूसरी ओर रोटी और बोटी का भी इंतजाम किया उस प्रत्याशी के समर्थक सुबह से ही शराब के नशे में धुत होकर पूरे इलेक्शन के ठेकेदार बन बैठे जब भारी संख्या में समर्थक शराब के नशे में धुत देखे गए वहां अधिकांश लोग ऐसे भी देखे गए तो अधिवक्ता नहीं है और वोटर भी नहीं है लेकिन वह रोटी और बोटी और स्वरा के चक्कर में वहां सुबह से ही डेरा डाले हुए थे वहीं दूसरी ओर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी अपने स्तर से अधिवक्ता मतदाताओं को लुभाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं और वह जहां रोटी और रोटी की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं सांवरा की होम डिलीवरी भी कर रहे हैं यह सबसे ज्यादा शर्म का पहलू है कि बुद्धिजीवी वर्ग समझे जाने वाले अधिवक्ताओं के इस चुनाव में इस बार इतना स्तर गिर गया है या जहां एक ओर प्रत्याशी तो अपनी जीत के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं वही वोटर भी हर प्रत्याशी को खुश करने के लिए उसके यहां से रोटी वोटी और छोरा लेकर मदमस्त हैं ज्ञातव्य होकर 11 तारीख को प्रचार का आखिरी दिन है और 12 फरवरी को मतदान होना होना है जयपुर मतदाता 11 तारीख को अपनी चौबारे समझेंगे वही प्रत्याशी अपने धनबल का प्रयोग कर कर अबे अधिवक्ताओं को अपने समर्थन में मतदान करने के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगे अधिवक्ता chamber-2 चेंबर जाकर प्रचार कर रहे हैं प्रत्याशी कुछ ऐसे भी है जो घर-घर जाकर अपने वोट पक्के कर रहे हैं हर साल होने वाले वार्षिक चुनाव में इस बार मुकाबला इतना रोचक हो गया है कि 5 अध्यक्ष पद के तथा पांच महत्वपूर्ण पद महासचिव के प्रत्याशी मैदान में है यहां दूसरी और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने आप को मठाधीश मानकर हर प्रत्याशी को इस बात का आश्वासन दे रहे हैं कि तुम्हारी जीत पक्की है और तुम्हारे हक में मैं ऐसे लोगों के वोट डलवा सकता हूं मुझे इसके लिए व्यवस्था आपको करनी पड़ेगी पड़ेगी आज एक होटल में जा महासचिव के पद के प्रत्याशी ने अपनी दावत की वही प्रत्याशियों के तो जहां इस दावत में लाखों रुपए खर्च हो गए और सुरा सुंदरी और बूटी और रोटी के शौकीन अधिवक्ता मतदाताओं की पौ 12 हो गई यह दौर कल भी चलेगा कहां किस प्रत्याशी का कैंप चलता है कहां शराब बढ़ती है क्या खाना पड़ता है कहां कच्चा खाना पड़ता है का पक्का खाना पड़ता है कहां सादा खाना पड़ता है का गोश्त का खाना पड़ता है यह कल आने वाला समय बताएगा मतदान 12 फरवरी को होना है और शाम उसी दिन मतगणना के बाद देर रात रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा बुद्धिजीवी वर्ग माने जाने वाले अधिवक्ताओं का यह चुनाव पूरा जातीयता पर टिक कर रह गया है जहां हर प्रत्याशी अपने जाति के मतदाताओं के आंकड़े लगा रहे हैं और दूसरी जाति के मतदाताओं में शहद लगाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हो चाहे उन्हें किसी भी कीमत क्यों ना अदा करनी पड़ी है कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन एक ऐसी संस्था है जब करोड़ों रुपए का बजट आता है और लाखों का बजट का हेरफेर होता है और इसी की लूट का सूट के लिए महासचिव और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी इसमें लाखों रुपया खर्च कर अपना दांव लगाते हैं और करोड़ों रुपए पैदा करने की जुगत में रहते हैं वहीं दूसरी ओर साफ छवि वाली प्रत्याशी और वकीलो के लिए संघर्ष रत एवं निष्ठावान प्रत्याशी अपनी साफ छवि लेकर चुनाव मैदान में है अब बुद्धजीवी अधिवक्ता मतदाताओ को अपना वोट डालते समय यह सोचना होगा कि वे बरादरी वाद को वीते देते है या बार की कमान स्वछ हाथो में सोपते है।जिससे अधिवक्ताओ के सम्मान की गरिमा बानी रहे क्योकि पिछले दिनों अधिवक़्क्तो के साथ जो हुवे है वह किसी से चुप नही है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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