
*जनपद कासगंज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की धज्जियां उड़ रहे हैं मुख्यालय पर तैनात विधुत अधिकारी ।* _जिलाधिकारी कासगंज से की गई शिकायत का नहीं दिखा असर, मामला अब ट्विटर पर ट्वीट कर मुख्य मंत्री तक पहुंचा_ *निराधार आख्या लगाकर शिकयतों का किया जाता है निस्तारण, शासन व जिलाधिकारी की छवि धूमिल कराने में माहिर हुए कासगंज के विधुत अधिकारी ।* कासगंज – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आम जनता की शिकायतों को सरल व समय की बचत करते हुए समस्याओं को निपटाने के लिए जनसुनवाई पोर्टल IGRS पर शिकायतें आनलाईन दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। वहीं कासगंज मुख्यालय पर तैनात अधिकारी आम जनता व पत्रकारों की शिकायतों को मजाक समझकर हवा में उड़ा देतें हैं । (1) मामला शिकायत 60000200122284 , अथवा शिकायत संख्या 40020221000439 से संबंधित है । जिसमें कासगंज मुख्यालय के बिलराम विद्युत वितरण खण्ड पर तैनात जूनियर इंजीनियर श्रीमान पवन कशोधन से संबधी शिकायत ऑनलाइन की गई । जिसमें शिकायतकर्ता ने जेई श्रीमान पवन काशोधन के कार्य क्षेत्र में विद्युत विभाग व सरकार से राजस्व को हानि संबंधी शिकायती पत्र जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज किया था । लेकिन जांच हेतु की गई शिकायत का समाधान नहीं होने पर एक के बाद एक शिकायत निरंतर जारी रही जिसमें ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के अलीगढ़ मंडल महासचिव ने उपरोक्त शिकायत संबधी प्रार्थना पत्र (2) जिलाधिकारी कासगंज व (3) विधुत विभाग के पोर्टल पर भी दर्ज कराई लेकिन फिर भी शिकायत से विपरीत निस्तारण किया गया, तदपश्चात (4) पीएमओ की वेबसाइट pgportal.gov.in की शिकायत संख्या GOVUP/E/2020/27494 की गई । लेकिन विधुत विभाग के अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई पोर्टल अथवा जिलाधिकारी कासगंज व सभी शिकायतों का निस्तारण शिकायत से विपरीत उत्तर देते हुए, एक ही कढ़ी में जोड़कर उपरोक्त सभी शिकायतों को अलग – अलग प्रकार से निराधार आख्या लगाकर / प्रेषित कर निस्तारित कर दिया । और जूनियर इंजीनियर पर कोई कार्यवाही नहीं हुई । इसी तरह से अनेकों मामले ऐसे सामने आते हैं जिसमें पोर्टल की शिकायत को निराधार जांच आख्या लगाकर खानापूर्ति कर दी जाती है । ऐसे में शिकायतकर्ता हाथ पर हाथ धरे ही रह जाते हैं । और आम नागरिकों का विश्वास सरकार की जनसुनवाई , आनलाईन, व अन्य उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं । और शासन द्वारा की गई आम नागरिकों शिकायत निवारण व्यवस्था से हटा देते हैं । शिकायतकर्ता ने अब मुख्यमंत्री अथवा जिलाधिकारी व विधुत विभाग के चैयरमेन को ट्वीटर हैंडल पर मामला प्रेषित किया है । क्या ऐसे ही जनपद कासगंज की जनसुनवाई व्यवस्था को प्रदेश में सर्वप्रथम स्थान दिया जाना ठीक है । उक्त मामले में शिकायतकर्ता ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष राम नरेश सिंह चौहान,अखिल भारतीय मीडिया फाउंडेशन जिला अध्यक्ष अनिल सिंह राठौर, मंडल महा सचिव ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, मु अयाज, सरवर हुसैन,सज्जाद अली एडवोकेट , मु इशराक आर टी आई एक्टिविस्ट शामिल है ।