नीम के पेड़ से गिरते दूध को क्या कहें आस्था कहे अंधविश्वास

सकरन थाना सकरन के अंतर्गत सुमरावा गांव मैं नीम के पेड़ से गिरते दूध को देख सुमरावा गांव के निवासी अचंभित हो गए
सकरन (सीतापुर) सकरन अब इसे आस्था कहें या फिर अंधविश्वास मगर ग्रामीण इलाके के नीम के एक पेड़ में दूध का निकलना फिलहाल आस्था का विषय बना है। मां शीतला का रूप माने जाने वाले इस नीम के पेड़ से लगातार दूध के निकलने की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई और फिर आसपास के गांव के लोग इकट्ठा हो गए और पूजा पाठ का दौर शुरू हो गया। लोग बाग वहां पर पहुंचकर नीम के पेड़ की आराधना करने लगे। कोई नीम के पेड़ आराधना में जुट गया तो कोई शीतला मैया मानकर उसकी परिक्रमा कर रहा था। गांव अंदर लगे हुए इस नीम के पेड़ में दूध निकलने की खबर मिलते ही जैसे वहां पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सुमरावा गांव स्थित स्थल भीड़ में तब्दील हो गया। क्या बूढ़े क्या बच्चे क्या जवान और क्या महिलाएं सभी पूजा पाठ में मशगूल हो गये हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दिनों यहां पर माता शीतला जी की पुजा हुआ था और पूरी श्रद्धा के साथ लोगों ने मां शीतला का आह्वान किया था। शायद यही वजह है की मां शीतला प्रसन्न हुई है और इस नीम के पेड़ में प्रकट होकर लोगों का कल्याण करने के लिए आई है। जानकार मानते हैं कि पेड़ों में इस तरह की चीजें अक्सर देखने में मिलती है। सुमरावा गांव के ग्रामीण राम मोहन राजपूत सतीश कुमार राजपूत अभिराम अवस्थी श्यामलाल हरिश्चंद्र कन्हैया लाल कृष्ण मोहन आर्य का कहना है कि ऐसा चमत्कार पहली बार देखा है जो नीम के पेड़ से दूध गिरने की छवि दर्शाता है