प्रचंड का आरोप- भारत के कहने पर PM ओली ने भंग की नेपाल की संसद, RAW भी शामिल

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के एक धड़े के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने आरोप लगाया कि कार्यकारी प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने भारत के इशारे पर कम्युनिस्ट पार्टी को तोड़ने की कोशिश की है और इसलिए ही संसद भंग की गयी है. प्रचंड के इन आरोपों से पहले एक भारतीय चैनल को दिए इंटरव्यू में ओली ने चीन को नेपाल के आंतरिक मामलों में दखल न देने की कड़ी हिदायत दी थी और भारत को सबसे करीबी दोस्त भी बताया था.
काठमांडू के नेपाल एकेडमी हॉल में अपने धड़े के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रचंड ने कहा कि प्रधानमंत्री ने निकट अतीत में आरोप लगाया था कि एनसीपी के कुछ नेता भारत की शह पर उनकी सरकार को गिराने की साचिश रच रहे थे. प्रचंड ने कहा कि उनके धड़े ने बस इसलिए ओली को इस्तीफ देने के लिए बाध्य नहीं किया क्योकि इससे एक संदेश जाता कि ओली का बयान सच है. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा- अब क्या ओली ने भारत के निर्देश पर पार्टी को विभाजित कर दिया और प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया? उन्होंने कहा कि सच नेपाल की जनता के सामने आ गया.
प्रचंड ने आरोप लगाया- ओली ने भारत की खुफिया शाखा रॉ के प्रमुख सामंत गोयल के बालुवतार में अपने निवास पर किसी भी तीसरे व्यक्ति की गैरमौजूदगी में तीन घंटे तक बैठक की जो स्पष्ट रूप से ओली की मंशा दर्शाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री पर बाहरी ताकतों की गलत सलाह लेने का आरोप लगाया. प्रचंड ने कहा कि प्रतिनिधि सभा को भंग करके ओली ने संविधान एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को एक झटका दिया जिसे लोगों के सात दशक के संघर्ष के बाद स्थापित किया गया था.